धार्मिक नगरी नाथद्वारा ने रचा आस्था का नया इतिहास, 131 फीट ऊंची “श्रीजी के हनुमानजी” प्रतिमा का हुआ भव्य उद्घाटन

भीलवाड़ा । मेवाड़ की पावन धार्मिक नगरी नाथद्वारा में गुरुवार को आस्था का एक नया इतिहास रचा गया । राम नवमी के पावन मौके पर गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची “श्रीजी के हनुमानजी” प्रतिमा का भव्य उद्घाटन हुआ. यह प्रतिमा जमीन से करीब 500 फीट ऊंचे दुर्गम पर्वत शिखर पर स्थापित की गई है, जिससे इसकी कुल ऊंचाई 631 फीट तक पहुंच जाती है.इस प्रतिमा की खास बात यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए कोई मोटर मार्ग नहीं है.श्रद्धालुओं को पैदल ही दुर्गम रास्ता तय करना होगा, जो इस स्थल को और भी आध्यात्मिक और चुनौतीपूर्ण बनाता है.उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत-महात्मा पहुंचे और नवस्थापित बालाजी की प्रतिमा के दर्शन किए । इस भव्य प्रतिमा के निर्माण के पीछे मुंबई के उद्योगपति का संकल्प और समर्पण है। करीब साढ़े तीन वर्षों में तैयार हुई यह प्रतिमा उनके दृढ़ विश्वास और आस्था का प्रतीक मानी जा रही है । वहीं, प्रतिमा को प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावत ने साकार रूप दिया है । प्रतिमा में हनुमानजी को विनम्र मुद्रा में हाथ जोड़े हुए दर्शाया गया है, जो भक्ति और सेवा भाव का प्रतीक है । खास बात यह भी है कि प्रतिमा का मुख श्रीनाथजी मंदिर की ओर है, जो भगवान श्रीनाथजी के प्रति उनके समर्पण और रक्षक रूप को दर्शाता है । इस पूरे प्रोजेक्ट को पूज्य इंद्रदमन जी महाराज की प्रेरणा और विशाल बाबासाहब के आशीर्वाद से पूरा किया गया है । साधु-संतों के मार्गदर्शन में यह कार्य धार्मिक आस्था का केंद्र बन गया है । इंजीनियरिंग के लिहाज से भी यह प्रतिमा किसी चमत्कार से कम नहीं है. निर्माण के दौरान प्रकृति संरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया. पर्वत की प्राकृतिक संरचना से बिना छेड़छाड़ किए भारी सामग्री को ऊपर पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया ।