ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ली अधिकारियों की बैठक, दिए किसान हित में फैसले लेने के निर्देश
बी एम राठौर
स्मार्ट हलचल|राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गेहूं खरीद प्रक्रिया में किसानों को आ रही तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए गुरूवार को सर्किट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, भारतीय खाद्य निगम, नागरिक आपूर्ति निगम और राजफेड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का दाना-दाना बेचने में सुविधा प्रदान करना है और इसके लिए सिस्टम की खामियों को तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।
बैठक में यह बात सामने आई कि ऑनलाइन सिस्टम में कई किसानों ने अपनी मर्जी से अधिक मात्रा भर दी, जिसके कारण स्लॉट फुल हो गए और कई वास्तविक किसानों को मई-जून तक की लंबी तारीखें मिल रही हैं। इस विसंगति को दूर करने के लिए मंत्री नागर ने निर्देश दिए कि पोर्टल को दोबारा खोलकर गिरदावरी और रजिस्ट्रेशन की त्रुटियों को सुधारा जाए। साथ ही, रकबे के अनुसार ही स्लॉट बुकिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
यह भी सामने आया कि बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि के कारण गेहूं की चमक कम होने, दाना कटने या ‘काला नक्का’ आने की शिकायतें मिल रही हैं। जिससे केंद्रों पर गेहूं रिजेक्ट हो रहा है। मंत्री नागर ने कहा कि किसानों के नुकसान को रोकने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को शिथिलता देने के लिए प्रस्ताव भेजेगी। गत वर्ष भी ऐसी शिथिलता दी गई थी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले वर्ष की भांति इस बार भी गुणवत्ता मानकों में छूट के लिए प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि किसान को पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य मिल सके।
*केशोरायपाटन के 33 गांवों को बड़ी राहत*
बूंदी जिले के केशोरायपाटन क्षेत्र के 33 गांवों में राजस्व रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं होने के कारण किसान पंजीकरण नहीं कर पा रहे थे। मंत्री नागर ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए निर्देश दिए कि इन गांवों के किसानों के लिए ऑफलाइन बुकिंग और पुराने सिस्टम से रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी किसान सरकारी खरीद से वंचित न रहे।
*खेतों के रास्तों का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश*
इससे पहले ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने सांगोद विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में खेतों के रास्तों को लेकर चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि किसानों को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
*तकनीकी सुधार हो, किसानों को राहत मिले, दिए कड़े निर्देश*
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब ऑनलाइन पोर्टल पर किसान द्वारा मनचाही मात्रा भरने की सुविधा नहीं होगी। सर्वर केवल राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज वास्तविक रकबे के अनुसार ही स्लॉट स्वीकार करेगा। साथ ही, गिरदावरी की उन विसंगतियों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए हैं जहाँ तकनीकी त्रुटि के कारण फसल शून्य दिखाई दे रही है।
