जोगणिया माता में महारात्रि जागरण अष्टमी पर लाखों श्रद्धालु रातभर दर्शन व प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा भजन संध्या

शिव लाल जांगिड़

लाडपुरा|स्मार्ट हलचल|क्षेत्र के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक आस्था के केंद्र जोगणिया माता शक्तिपीठ मंदिर परिक्षेत्र में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ की सीमा पर ऊपरमाल क्षेत्र की ऊँची पहाड़ियों में बेगूं के पास स्थित जोगणिया माता का प्राचीन और चमत्कारी शक्तिपीठ इन दिनों चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। लगभग 300 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। गुरुवार को जोगणिया माता मंदिर में अष्टमी पर दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के माहौल से सराबोर नजर आ रहा है।

जोगणिया माता शक्तिपीठ संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण जोशी ने बताया कि चैत्र नवरात्रि के अवसर पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान की ओर से दर्शन, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। मंदिर में दुर्गाष्टमी के अवसर पर महारात्रि जागरण का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान पूरी रात माता के दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। अनुमान है कि दुर्गाष्टमी के दिन और रात मिलाकर लाखो श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँच सकते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रसाद व्यास ने कहा कि पिछले कई दशकों में जोगणिया माता धाम का उल्लेखनीय विकास हुआ है। पहले यह क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था, लेकिन समय के साथ यहाँ वेद पाठशाला, गौशाला विस्तार, श्री राम वाटिका, नवग्रह नक्षत्र वाटिका धर्मशालाएं, सीढ़ियां और सड़क जैसी कई सुविधाओं का विकास हुआ है। अब देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं।

वहीं श्रद्धालु ने कहा कि दुर्गाष्टमी के अवसर पर वे हर साल अपने परिवार के साथ माता के दर्शन के लिए यहाँ आते हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए बहुत अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे दर्शन करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर जोगणिया माता धाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ इस शक्तिपीठ की आस्था और महत्ता को एक बार फिर दर्शा रही है।

नवरात्र महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इसी क्रम में जोगणियां माता के सप्तमी को रासलील के स्थानीय कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई और कृष्णा इवेंट अनेकों झाकियां प्रस्तुत की भक्ति मय माहौल बन भक्त झूमे उठे।

नवरात्र महोत्सव का समापन 27 मार्च को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ होगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए झूले, चकरी तथा विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई गई।