ब्यावर पुलिस की बड़ी पहल: साइबर ठगों पर नकेल कसने के लिए अनुसंधान अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

अनिल कुमार

SP रतन सिंह के निर्देश: हर थाने में साइबर एक्सपर्ट तैयार करना और आमजन को जागरूक करना प्राथमिकता।

डिजिटल सुरक्षा: 14C पोर्टल के जरिए जन-जन तक पहुँचेगी साइबर सुरक्षा की जानकारी।

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत पहुँचाने के लिए पुलिस अधीक्षक रतन सिंह (IPS) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में वृत ब्यावर के सभी थानों के अनुसंधान अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भाग लिया।

*तकनीकी जांच और रिफंड प्रक्रिया पर जोर*

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को साइबर अपराधों के आधुनिक तरीकों और उनके अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया गया। विशेष रूप से बैंक खातों में साइबर ठगी के कारण फ्रीज (Hold) की गई राशि को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से पीड़ितों को वापस (Refund) दिलाने की प्रक्रिया समझाई गई। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त नवीनतम दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया।

*इन थानों के अधिकारी रहे शामिल*
कार्यशाला में ब्यावर सिटी, ब्यावर सदर, साकेत नगर, जवाजा, टॉडगढ़, साइबर थाना और महिला थाना के अनुसंधान अधिकारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे। उन्हें पुलिस के विभिन्न उपयोगी पोर्टल्स का कुशलतापूर्वक उपयोग करने की ट्रेनिंग दी गई।

जन-जागरूकता के लिए ‘व्हाट्सएप’ और ‘स्कूल-कॉलेज’ का सहारा
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आमजन का जागरूक होना अनिवार्य है। इसके लिए:

थाना स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) की जानकारी साझा की जाएगी।

स्कूलों, कॉलेजों और कार्यस्थलों पर विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे।

आमजन को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा।

*पुलिस का संदेश* : “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें।”