भीलवाड़ा । धर्मनगरी भीलवाड़ा अब आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति की विराट धरा बनने जा रही है। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर, भीलवाड़ा में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के पावन मार्गदर्शन में 19 से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाला सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह श्रद्धालुओं के लिए किसी आध्यात्मिक कुंभ से कम नहीं होगा। देशभर से सैकड़ों संत-महात्माओं का सानिध्य, भव्य धार्मिक अनुष्ठान और वीआईपी मेहमानों की संभावित मौजूदगीकृसब मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना रहे हैं। महोत्सव की विधिवत शुरुआत सेवा कार्यों से हो चुकी है। मंगलवार को अग्नि प्रवेश सम्पन्न हुआ और भंडारा कोठार सेवा का शुभारंभ हुआ। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना पंडित सत्यनारायण शर्मा ने कराई। भंडार सेवा समिति एवं अनुभवी हलवाइयों की टीम पूरे महोत्सव काल में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद व भोजन व्यवस्था संभालेगी। कार्यक्रम में महंत हनुमानराम उदासीन, महंत जमनादास, संत अर्जुनदास, संत सरूपदास, संत हंसदास, संत मायाराम, संत गोविंदराम, संत प्रकाशानंद, संत ओम उदासी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। पूरे परिसर में भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव की सुगंध फैल गई।
संतों का महासमागम, वीआईपी की दस्तक संभव–
महोत्सव में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इनके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आगमन भी प्रस्तावित है।
संत समाज से उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरूशरणानंद महाराज (मथुरा), बाबा कल्याणदास महाराज (अमरकंटक), महामंडलेश्वर स्वामी भास्कारानंद महाराज, मलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेन्द्रदास देवाचार्य महाराज सहित अनेक महान संतों का आशीर्वचन मिलेगा।
26 फरवरी को दीक्षा दान समारोह–
महोत्सव के अंतिम दिन 26 फरवरी को सुबह 9 बजे विशाल पांडाल में दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम होगा। इसमें ब्रह्मचारी इन्द्रदेव, कुनाल एवं सिद्धार्थ को विधिवत दीक्षा प्रदान की जाएगी। भीलवाड़ा के विभिन्न मंदिरों व धर्मस्थलों के महंत-महात्माओं का सहयोग भी इस आयोजन को मिल रहा है। सभी समाजों के संगठन, युवा वर्ग और मातृशक्ति इस महासंगम को भव्य बनाने में जुटे हैं।
भव्य कलश यात्रा से होगा आगाज–
आठ दिवसीय महोत्सव की शुरुआत 19 फरवरी, गुरुवार को सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत महापुराण कलश यात्रा से होगी। यात्रा संकटमोचन हनुमान मंदिर (पोस्ट ऑफिस के सामने) से प्रारंभ होकर हरि शेवा उदासीन आश्रम पहुंचेगी।
कथा, यज्ञ, पाठ और रासलीला की धूम–
19 से 25 फरवरीः वृन्दावन के कथा व्यास डॉ. श्यामसुन्दर पाराशर द्वारा श्रीमद् भागवत कथा।
प्रतिदिन सुबह 8 बजेः पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, अष्टोत्तर शत भागवत मूल पाठ व शतचण्डी पाठ।
अखण्ड श्रीमद् भगवद्गीता पाठ, रामचरितमानस पाठ, रामनाम संकीर्तन व श्रीचंद सिद्धांत सागर पाठ।
काशी के यज्ञाचार्य कामेश्वरनाथ तिवारी के सानिध्य में वेद पारायण।
प्रतिदिन शाम 6 बजेः काशी तर्ज पर गंगा आरती।
शाम 7 बजेः वृन्दावन की प्रसिद्ध रासलीला मंडली द्वारा रासलीला मंचन।
25 फरवरी को संत दर्शन एवं सनातन शोभायात्रा निकलेगी, जबकि 26 फरवरी को मुख्य दीक्षा समारोह के साथ महोत्सव का भव्य समापन होगा।
धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार हो रहा यह सनातन महासंगम, श्रद्धा, संस्कृति और सेवा का अनुपम संगम बनेगा जहां हर कदम पर भक्ति बोलेगी और हर दृश्य इतिहास रचेगा।
