शाहपुरा-जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और प्रशासन को जगाने का बड़ा असर शहर में देखने को मिला है। व्यस्त मार्ग पर जलदाय विभाग द्वारा पाइपलाइन लीकेज ठीक करने के बाद छोड़े गए जानलेवा गड्ढे की खबर जैसे ही प्रमुखता से प्रकाशित हुई, विभाग तुरंत हरकत में आ गया।
क्या था पूरा मामला?
शहर के व्यस्ततम मार्ग पर जलदाय विभाग ने लीकेज सुधारने के लिए सड़क के बीचों-बीच एक बड़ा गड्ढा खोदा था। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद गड्ढा भरना भूल जाने से राहगीरों, विशेषकर स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ था।
भाजपा जिला मीडिया सहसंयोजक मोनू सुरेश छीपा ने इस गंभीर लापरवाही को उजागर करते हुए प्रशासन को सचेत किया था कि यह गड्ढा किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
विभाग की टूटी सुस्ती, 24 घंटे में कार्रवाई
समाचार के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद होने के बाद जलदाय विभाग ने तत्परता दिखाते हुए उक्त स्थान पर मिट्टी डलवाकर गड्ढे को भर दिया। इससे मार्ग अब सुगम हो गया है और संभावित दुर्घटना का खतरा फिलहाल टल गया है।
स्थानीय निवासियों ने जताया आभार
इस त्वरित समाधान और मीडिया की सक्रियता पर स्थानीय निवासियों जुगल किशोर काबरा, हंसराज जाट, नंदा तेली, बसंत वैष्णव,राधेश्याम धोबी , गोपाल कहार और रमेश कहार ने हर्ष व्यक्त करते हुए आभार जताया है।
मोनू सुरेश छीपा ने कहा—
“शाहपुरा की जनता की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता है। विभाग द्वारा त्वरित संज्ञान लेना सराहनीय है, लेकिन हमारी मांग है कि इस स्थान पर जल्द ही पक्का पैचवर्क (डामरीकरण) भी किया जाए ताकि भविष्य में यह दोबारा न धंसे।”
मीडिया की सजगता और प्रशासन की तत्परता से एक संभावित हादसा टल गया, जो जनहित में सकारात्मक पहल का उदाहरण है।
