नन्ही कला साधिका नेहा काबरा ने रंगों से उकेरी आस्था, नवरात्रि पर बनाई माँ नवदुर्गा की भव्य कलाकृतियाँ

मोड़ का निंबाहेड़ा । जहाँ चाह होती है, वहाँ राह अपने आप बन जाती है। इस कहावत को साकार कर दिखाया है 12 वर्षीय नन्ही कलाकार नेहा काबरा ने। कक्षा 7 में अध्ययनरत नेहा ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से भक्ति और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। नवरात्रि के नौ दिनों में नेहा ने माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) के नौ आकर्षक चित्र पेंसिल व रंगों की सहायता से तैयार कर श्रद्धा का अनूठा उदाहरण पेश किया।

संघर्षों के बीच निखरी प्रतिभा

नेहा की उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि छोटी उम्र में ही उन्होंने जीवन की बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। 5 मई 2021 को कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान उनके पिता का निधन हो गया था। इस गहरे दुख के बावजूद नेहा ने हिम्मत नहीं हारी और परिवार के सहयोग व अपने दृढ़ संकल्प के बल पर कला को ही अपनी ताकत बना लिया।

आस्था से जुड़ी कलाकृतियों का अनोखा संग्रह

महज 12 वर्ष की उम्र में नेहा कई धार्मिक एवं आध्यात्मिक चित्रों का सृजन कर चुकी हैं। उनकी कलाकृतियों में आस्था के विविध रूप दिखाई देते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से — सांवरिया सेठ एवं सरेड़ी श्याम ,खाटू श्याम जी और राधा-कृष्ण, चारभुजा नाथ, अयोध्या के रामलला भक्ति और कौशल का सुंदर संगम ।
नेहा की पेंटिंग्स में बारीक रेखांकन, रंगों का संतुलन और गहरी आध्यात्मिक भावना स्पष्ट रूप से झलकती है। स्थानीय कला प्रेमियों और लोगों ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में कठिन परिस्थितियों के बावजूद कला के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है। नन्ही कलाकार नेहा काबरा की यह कला साधना उन बच्चों के लिए प्रेरणा बन रही है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।