मंगरोप@मुकेश खटीक।कस्बे में एक बार फिर अवैध शराब कारोबार सरकारी ठेकेदार के जरिए तेजी से पैर पसारता नजर आ रहा है।सुबह 8 बजते ही शराब की उपलब्धता शुरू हो जाने से स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले आबकारी विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए शराब माफियाओं पर सख्ती बरती थी और शराब की अवैध बिक्री पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी थी।लेकिन अब हालात फिर बदलते दिख रहे हैं।आरोप है कि उन्हीं अवैध शराब माफियाओं को दोबारा अवैध ब्रांचों के जरिए सक्रिय होने की खुली छूट मिल गई है,जिससे शराब ठेकेदारों की आमदनी में इजाफा हो रहा है।जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र में करीब 27 अवैध शराब की ब्रांचें संचालित हो रही हैं।जो नियमों को खुलेआम चुनौती दे रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों को भी है।लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देने के बजाय अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।स्थिति यह है कि कई जगह शराबी ठेके के बाहर ही खड़े होकर शराब का सेवन करते दिखाई देते हैं।इसका सीधा असर बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है।चिंताजनक बात यह है कि कुछ नाबालिग भी इस नशे की चपेट में आते नजर आ रहे हैं,जिससे सामाजिक वातावरण बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है।कस्बे के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई कर इसे पूरी तरह बंद कराया जाए,ताकि युवाओं और आने वाली पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
