31 मार्च को आ सकता है 12वीं का रिजल्ट, 9 लाख छात्रों का इंतजार खत्म, अजमेर से होगा ऐलान

(हरिप्रसाद शर्मा)

अजमेर/स्मार्ट हलचल|राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं के परिणाम को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के अनुसार बोर्ड 31 मार्च को 12वीं के नतीजे घोषित कर सकता है। अजमेर स्थित बोर्ड मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रिजल्ट जारी किया जाएगा, जिसमें शिक्षा मंत्री के साथ बोर्ड के चेयरमैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।रिजल्ट घोषित होते ही लाखों छात्र-छात्राओं का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा। छात्र अपना परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in और rajasthan.gov.in पर जाकर देख सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना रोल नंबर दर्ज करना होगा। साथ ही छात्र अपनी डिजिटल मार्कशीट भी डाउनलोड कर सकेंगे, जिसका उपयोग अस्थायी रूप से प्रवेश और अन्य प्रक्रियाओं में किया जा सकेगा।

इस वर्ष आरबीएसई 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से 11 मार्च तक प्रदेशभर में आयोजित की गई थीं। परीक्षा में 9 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। संकायवार आंकड़ों पर नजर डालें तो आर्ट्स में सबसे अधिक करीब 6 लाख विद्यार्थी परीक्षा में बैठे, जबकि विज्ञान संकाय में लगभग 2.20 लाख और कॉमर्स संकाय में करीब 80 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक परीक्षाएं संपन्न कराईं।

बोर्ड के नियमों के अनुसार प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में असफल रहता है, तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। यह परीक्षा आमतौर पर सितंबर महीने में आयोजित की जाती है, जिससे छात्रों का एक साल खराब होने से बच सके।

इसके अलावा जो छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे, वे पुनर्मूल्यांकन (स्क्रूटनी) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है, जिससे अंकों में सुधार की संभावना रहती है।

रिजल्ट जारी होने के बाद कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। खासतौर पर साइंस और कॉमर्स के छात्रों के लिए विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेस में प्रवेश की दौड़ शुरू होगी, वहीं आर्ट्स के छात्र भी स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन करेंगे।

अब पूरे प्रदेश के 9 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं की नजरें 31 मार्च पर टिकी हैं, जब उनकी मेहनत का परिणाम सामने आएगा और उनके भविष्य की दिशा तय होगी।