विदेश में मुश्किल में फंसे 3.67 लाख भारतीयों पर खर्च हुए 758 करोड़ रुपये

नई दिल्ली।स्मार्ट हलचल|विदेश में रहने वाले भारतीयों को मुश्किल समय में भारतीय समुदाय कल्याण कोष (आईसीडब्ल्यूएफ) ने काफी राहत प्रदान की है। 2009 में इसकी शुरुआत से लेकर दिसंबर 2025 तक, 3.67 लाख से अधिक मुश्किल में फंसे विदेश में रहने वाले भारतीयों को मदद देने के लिए 758 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इस्तेमाल की जा चुकी है। यह जानकारी विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने लोकसभा में दी।
दरअसल कांग्रेस सांसद कुंदुरु रघुवीर ने विदेश में संकट का सामना करने वाले भारतीय नागरिकों को वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करने में आईसीडब्ल्यूएफ की भूमिका के बारे में विदेश मंत्रालय से प्रश्न पूछा था। 27 मार्च को सदन में इसका जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि आईसीडब्ल्यूएफ दिशा-निर्देशों में सितंबर, 2017 से पूरी तरह से बदलाव किया गया है। बदले हुए दिशा-निर्देशों ने मुश्किल में फंसे भारतीय नागरिकों के फायदे के लिए, इस फंड के जरिए दी जाने वाली ऑन-साइट वेलफेयर गतिविधियों का दायरा काफी बढ़ा दिया है।
उन्होंने बताया इन दिशा-निर्देशों में तीन मुख्य बातें शामिल हैं: मुश्किल हालात में विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की मदद करना (रहने-खाने का इंतजाम, हवाई सफर, कानूनी मदद, अचानक बीमार पड़ने पर इलाज, पार्थिव शरीर को वापस लाना), कम्युनिटी वेलफेयर गतिविधियां और कॉन्सुलर सेवाओं में सुधार। अब इनमें उन देशों में कानूनी पैनल बनाने के प्रावधान भी शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में भारतीय लोग रहते हैं, और विदेश में मुश्किल में फंसी भारतीय महिलाओं को मदद देना भी शामिल है।
राज्यमंत्री ने कुछ आंकडें पेश करते हुए बताया कि पिछले पांच वर्षों यानी 2021 से 2025 के बीच संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मस्कट, मलेशिया और कुवैत जैसे देशों के प्रमुख शहरों में रहने वाले भारतीयों पर आईसीडब्ल्यूएफ के तहत सबसे अधिक खर्च किया गया है। इनमें दुबई में 22.6 करोड़ से अधिक, रियाद में 13.53 करोड़ से अधिक, अबू धाबी में 7.95 करोड़ से अधिक और जेद्दा में 7.23 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इसके अलावा मस्कट में करीब 12 करोड़, कुआलालंपुर में 10 करोड़ और कुवैत में रहने वाले भारतीयों पर 8.21 करोड़ रुपये से अधिक रुपये खर्च हुए हैं।
कीर्तिवर्धन सिंह ने सदन को बताया विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्टों में ‘काउंसलर/सामुदायिक कल्याण विंग’ होते हैं, जिनमें संकटग्रस्त भारतीय नागरिकों के कल्याण संबंधी मुद्दों को देखने के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त होते हैं। मंत्रालय के पास विदेशों में स्थित सभी मिशनों/पोस्टों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए एक सुव्यवस्थित तंत्र/एसओपी मौजूद हैं, जिसके माध्यम से विदेशों में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान की जाती है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)