ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश से खेतों में बिछी गेहूं और सरसों की फसल तबाह

महेंद्र कुमार सैनी

स्मार्ट हलचल/नगर फोर्ट तहसील क्षेत्र व आसपास के इलाकों मेंआसमानी आफत से एक बार फिर किसान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज हवा, ओला और बारिश ने खेतों में खड़ी पकी रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बारिश से जहां खेतों में खड़ी फसल बिछ गई है तो खलियानों में कटी रखी सरसों, गेहूं जो,चना मशहूर जीरा आदि की फसल ओलावृष्टि से खराब और गीली हो गई। जिससे फसल के दानों पर विपरीत प्रभाव पडऩे की आशंका है। रविवार शाम से प्रारंभ हुआ पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार तक देखने को मिला, जिसने किसानों को फिर आफत में डाल दिया है। नगर फोर्ट तहसील क्षेत्र में तेज बारिश से फसलों को 60 से 70 प्रतिशत नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार संध्या से कडकड़़ाहट और तेज हवा और ओलावृष्टि के साथ प्रारंभ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं और चना की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है, हालांकि अधिकतर खेतों में सरसों फसल की कटाई लगभग हो चुकी है, लेकिन खलियानों में रखी फसल बारिश से गीली हो गई। ऐसी स्थिति में अगर मौसम साफ नहीं होता है तो फसल को ज्यादा नुकासन होने का अनुमान है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिली सूचनाओं के अनुसार इस बेमौसम बारिश से सभी किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फसल की गुणवत्ता खराब होने पर बाजार में उचित दाम मिलने की संभावना भी कम हो जाती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचाया है।कहीं बेर के आकार के ओलों ने गेहूं ,सरसों और चने की उम्मीदों को रौंद दिया, तो कहीं आकाशीय बिजली ने उपकरणों को खाक कर दिया। इस संकट के बीच किसानों की बेबसी और जीवटता की अनूठी तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।

*किसानों की बढ़ी चिंता*

किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने उनकी उम्मीदों को झटका दे दिया है। अब उन्हें अपनी उपज के खराब होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।

*राहत की मांग*

प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजा देने और नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है।