अनिल कुमार
ब्यावर – स्मार्ट हलचल|राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग द्वारा आयोजित विशाल सद्भावना सम्मेलन “पैग़ाम-ए-मोहब्बत” जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और राहुल गांधी जी के प्रेम व भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने अपने ओजस्वी और धारदार संबोधन से कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि “आज देश को बांटने वाली ताकतें सक्रिय हैं, लेकिन हम राहुल गांधी जी के सिपाही हैं जो नफरत का जवाब सिर्फ मोहब्बत से देना जानते हैं। ‘पैग़ाम-ए-मोहब्बत’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक मिशन है। राजस्थान की इस वीर धरा से उठा यह संदेश पूरे देश में गूंजेगा कि हम नफरत की दीवारें गिराकर दिलों को जोड़ने का काम करेंगे। सरकारी तंत्र चाहे जितनी नफरत फैलाए, कांग्रेस का हर कार्यकर्ता घर-घर जाकर भाईचारे का चिराग जलाएगा।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने की। सम्मेलन में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि “पैग़ाम-ए-मोहब्बत” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे सरकारी संरक्षण में फैल रही नफरत का जवाब पूरी ताकत और ‘मुहब्बत’ के साथ दें।
प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी सहित विधायकगण, AICC सचिव एवं प्रदेश के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ब्यावर जिले की दमदार भागीदारी
इस सम्मेलन में ब्यावर जिलाध्यक्ष अजमत काठात के नेतृत्व में ब्यावर जिले से आए सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई। ब्यावर से आए कार्यकर्ताओं के जोश और अनुशासन की प्रदेश नेतृत्व ने विशेष रूप से सराहना की।
अजमत काठात ने इस अवसर पर कहा कि ब्यावर का हर कार्यकर्ता इस पैगाम को गांव-ढाणी तक लेकर जाएगा।
इस सम्मेलन में ब्यावर जिले से कांग्रेस नेता और पूर्व जिला प्रवक्ता एडवोकेट अजय शर्मा, कपासन प्रभारी आशीषपाल पदावत, प्रो जलालुद्दीन काठात, सरदारा काठात, श्रवण सरपंच, अशरफ़ काठात, बशीर मोहम्मद, रमेश काठात, हाकिम काठात, आदम काठात, सुलेमान काठात, अब्दुल रज़्ज़ाक़, बाबू खान, याकूब खान, हाजी अब्दुल सत्तार, रज़्ज़ाक़ मोहम्मद, सत्तार मोहम्मद, उस्मान पठान, मोहम्मद दाऊद क़ुरैशी, शहज़ाद अहमद मसूरी, साबुद्दीन खरवा, इस्माइल हबीब, रियाज़ काठात, हमीद नागौरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भागीदारी निभाई।
