RSOS परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग, परीक्षा कैलेंडर एकीकृत करने की उठी आवाज

ओपन स्कूल के विद्यार्थियों को समयबद्ध परिणाम व प्रतियोगी परीक्षाओं में अवसर दिलाने हेतु ज्ञापन सौंपा

भीलवाड़ा । राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल (RSOS) की परीक्षा प्रणाली में सुधार और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के साथ परीक्षा कैलेंडर में समन्वय स्थापित करने की मांग को लेकर भीलवाड़ा जिले के निवासी लक्ष्मण लाल गोस्वामी ने जिला कलेक्टर के माध्यम से संबंधित विभागों को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में RSOS की परीक्षा प्रणाली और परिणाम जारी होने में हो रही देरी के कारण लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से वे विद्यार्थी, जो 9वीं या 11वीं में असफल होने के बाद ओपन स्कूल से अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं, उन्हें समय पर परिणाम नहीं मिलने से BSTC, PTET, पुलिस/सेना भर्ती एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसरों से वंचित होना पड़ता है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि RBSE की मुख्य परीक्षाएं जहां मार्च माह में संपन्न हो जाती हैं, वहीं RSOS की परीक्षाएं मई-जून तक आयोजित होती हैं। इस 2-3 माह के अंतर के कारण ओपन स्कूल के विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण डेडलाइन से चूक जाते हैं।
इसके अलावा, पूरक परीक्षा (Supplementary) के आयोजन में भी असमानता बताई गई है। RBSE द्वारा अगस्त में पूरक परीक्षा आयोजित कर विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बचा लिया जाता है, जबकि RSOS की द्वितीय सत्र परीक्षाएं अक्टूबर-नवंबर में होती हैं, जिससे परिणाम आने तक अगले सत्र के प्रवेश बंद हो जाते हैं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्तमान में ओपन स्कूल में अध्ययनरत लगभग 90 प्रतिशत विद्यार्थी युवा वर्ग के हैं, जिन्हें समय पर परिणाम मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे अन्य नियमित विद्यार्थियों के समान प्रतिस्पर्धा कर सकें।
मुख्य मांगें:
RSOS की मुख्य परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में आयोजित की जाएं।
RBSE के साथ परीक्षा कैलेंडर को एकीकृत किया जाए।
परीक्षा परिणाम समयबद्ध तरीके से जारी किए जाएं।
प्रशासनिक स्तर पर सुधार कर प्रक्रिया को तेज एवं पारदर्शी बनाया जाए।
ज्ञापन में विभाग से अपील की गई है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।