खखरेरू/फतेहपुर|स्मार्ट हलचल|\थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में प्रतिबंधित नीम के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन माफिया लगातार हरे-भरे पेड़ों को काट रहे हैं, जबकि वन विभाग और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लग रही है।जानकारी के अनुसार, शिवपुरी चौकी क्षेत्र के शिवपुरी गांव में दिनदहाड़े चार विशाल नीम के पेड़ों को काट दिया गया। वहीं शिवदासपुर गांव में करीब आधा दर्जन हरे नीम के पेड़ों को धराशायी कर दिया गया। इसी तरह जहांगीर नगर गहुरा में भी भारी भरकम नीम के पेड़ों की कटाई कर वन विभाग और प्रशासन को खुली चुनौती दी गई।
मामला यहीं नहीं रुका। धाता थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित लकड़ी से भरी एक पिकअप को वन विभाग ने पकड़ा, जहां ‘सेटिंग’ के प्रयासों की चर्चा है। वहीं दो दिन पूर्व बिछियावां गांव के पास भी ठेकेदार द्वारा नीम का पेड़ काटे जाने का आरोप है, जिसमें कथित रूप से लकड़ी ले जाने में सफलता मिल गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन जब्त लकड़ी कहां रखी जाती है, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। लगातार हो रही कटाई से दोआबा क्षेत्र की हरियाली पर संकट गहराता जा रहा है। हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर चलाए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान पर भी सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने अवैध कटान पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में वन क्षेत्र अधिकारी खागा विवेक शुक्ला ने बताया कि जिन जिन स्थानों पर प्रतिबंधित प्रजाति के वृक्षों का काटन की सूचना प्राप्त हुई है वहां पर टीम भेज कर प्रतिबंधित प्रजाति लकड़ी सहित पिकअप को सींज किया गया है बाकी ठेकेदारों के ऊपर उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई की जा रही है।
