भीलवाड़ा । राजस्थान सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से 3 महीने का राशन एक साथ देने की घोषणा की थी जो आम जनता के लिए राहत भरी खबर थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इस योजना की सच्चाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले में राशन वितरण को लेकर भारी अनियमितताएं और गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई राशन डीलर उपभोक्ताओं से कह रहे हैं— “अभी आप 1 महीने का राशन लेकर जाएं, बाकी 2 महीने का बाद में ले जाना, आगे से राशन की गाड़ी नहीं आई है। जैसे ही गाड़ी आएगी, आपको राशन दे दिया जाएगा।”
हैरानी की बात यह है कि यही बात कुछ स्थानों पर प्रशासन की ओर से भी कही जा रही है कि आगे से राशन की सप्लाई (गाड़ी) नहीं पहुंची है, इसलिए पूरा राशन फिलहाल नहीं दिया जा सकता।
लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उन्हें पूरा राशन नहीं दिया जा रहा, तो कम से कम उनके राशन कार्ड पर लिखित में यह दर्ज किया जाए कि 2 महीने का राशन बाकी है। परंतु कई डीलर यह लिखने से साफ इनकार कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी असंतोष और शक पैदा हो रहा है।
इस पूरी प्रक्रिया में उपभोक्ताओं से अंगूठा (फिंगरप्रिंट) लगवाकर वितरण दिखा दिया जाता है, लेकिन मोबाइल पर जो मैसेज आता है उसमें सिर्फ आधार प्रमाणीकरण की पुष्टि होती है—यह नहीं बताया जाता कि 1, 2 या 3 महीने का राशन दिया गया है।
समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज, भीलवाड़ा ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह गरीबों के हक पर सीधा प्रहार है और कहा कि यदि डीलर 1 महीने का राशन दे रहे हैं तो शेष 2 महीने का लिखित रिकॉर्ड देना अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस गड़बड़ी की तुरंत जांच हो और दोषी डीलरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पारदर्शिता नहीं लाई गई तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना लिखित प्रमाण के “बाद में राशन देने” का वादा केवल बहाना बन सकता है और इससे गरीब उपभोक्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रमुख सवाल:
– जब 3 महीने का राशन स्वीकृत है तो पूरा क्यों नहीं दिया जा रहा?
– शेष राशन का कोई लिखित रिकॉर्ड क्यों नहीं दिया जा रहा?
– सिर्फ आधार प्रमाणीकरण से वितरण की पुष्टि कैसे मानी जाए?
मांगें:
– राशन वितरण का स्पष्ट SMS (महीनों का उल्लेख सहित) अनिवार्य किया जाए
– राशन कार्ड पर शेष राशन का लिखित उल्लेख किया जाए
– सप्लाई की स्थिति सार्वजनिक की जाए
– दोषी डीलरों पर कड़ी कार्रवाई हो
