आईएएस टीना डाबी ने संभाला टोंक जिला कलेक्टर का पदभार-सुशासन और जनसुनवाई पर जोर

शिवराज बारवाल मीना
टोंक ।स्मार्ट हलचल|जिले को नई प्रशासनिक दिशा देते हुए आईएएस अधिकारी टीना डाबी ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट का पदभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट परिसर में गरिमामय माहौल में पदभार ग्रहण की औपचारिकताएं पूरी की गईं।पदभार संभालने के बाद कलेक्टर टीना डाबी ने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ‘‘मुख्यमंत्री विकसित ग्राम/शहरी वार्ड अभियान’’ के तहत जिले के समग्र और योजनाबद्ध विकास के लिए प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में ठोस सुधार हो सके। साथ ही, सरकार की 25 फ्लैगशिप योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाकर अधिकतम लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।कलेक्टर डाबी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित करेंगी, ताकि समस्याओं को सीधे समझकर उनका समाधान किया जा सके।जिले में जनगणना कार्य को लेकर भी उन्होंने प्रशासनिक टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाते हुए इसे प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने की बात कही।इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामरतन सौकरिया, जिला परिषद के सीईओ परशुराम धानका, एसडीएम टोंक हुक्मीचंद रोहलानिया और एसडीएम निवाई प्रीति मीना सहित अन्य कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।उल्लेखनीय है कि टीना डाबी इससे पहले जैसलमेर और बाड़मेर में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं और वे वर्ष 2016 की यूपीएससी परीक्षा की ऑल इंडिया टॉपर रही हैं।
*नई जिम्मेदारी-नई उम्मीदें*
टोंक में उनकी यह नियुक्ति प्रशासनिक कार्यों में तेजी, पारदर्शिता और जनता के साथ मजबूत संवाद की दिशा में अहम मानी जा रही है। कलेक्टर के रूप में उनका फोकस साफ है – सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आमजन का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।