बूंदी की ऐतिहासिक धरोहरें बदहाली का शिकार, दीवारों पर पोस्टरों से बिगड़ रहा स्वरूप

बूंदी- स्मार्ट हलचल|अपनी अनोखी स्थापत्य कला और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध बूंदी शहर की बावड़ियां, प्राचीन दरवाजे और बुर्ज आज बदहाली का शिकार हो रहे हैं। इन धरोहरों पर लोगों द्वारा जन्मदिन और शुभकामनाओं के बड़े-बड़े पोस्टर चिपकाए जा रहे हैं, जिससे इनका मूल स्वरूप लगातार बिगड़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक स्मारकों पर इस तरह के पोस्टर और बैनर लगाना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक विरासत को भी नुकसान पहुंचा रहा है। पहले भी इस संबंध में समाचारों के माध्यम से लोगों और प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
पर्यटन विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से भी इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि सरकार‌की ओर से ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने के लिए लाखों रुपए खर्च किऐ जा रहे हैं और दूसरी ओर नगरपरिषद की लापरवाही से ऐतिहासिक धरोहरे बदरंग हो रही हैं।

इसलिए शहरवासियों ने मांग की है कि ऐतिहासिक धरोहरों एवं बाजारों में अव्यवस्थित रूप से नगर परिषद की स्वीकृति के बिना लगे हुए पोस्टर-बैनरों को हटा कर उनके संरक्षण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि बूंदी की विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।