भूमि पूजन के साथ नई न्यायिक क्रांति की शुरुआत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित न्यायपालिका के दिग्गजों की मौजूदगी में गरिमामय आयोजन
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में न्याय की राह अब और आसान, तेज और पारदर्शी बनने जा रही है। सांगानेर-तस्वारिया की 62 बीघा भूमि पर बनने वाला अत्याधुनिक जिला न्यायालय परिसर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय दिलाने की नई उम्मीद बनकर उभरेगा। रविवार को हुए भव्य भूमि पूजन समारोह ने भीलवाड़ा के न्यायिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति संजीव प्रकाश शर्मा ने इस अवसर पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि बदलते दौर में न्यायिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना वक्त की जरूरत है। उन्होंने ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन माध्यमों से न्याय व्यवस्था को आमजन के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि तकनीक का उपयोग केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि परिणाम देने वाला होना चाहिए, ताकि आम नागरिक को न्याय पाने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।
समारोह की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और गरिमामय बना दिया। इसके साथ ही जिला अभिभाषक संस्था, भीलवाड़ा की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी सम्पन्न हुआ, जिसने आयोजन को और अधिक ऐतिहासिक बना दिया।
इस अवसर पर प्रदेश की उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह भूमि पूजन केवल भवन निर्माण की शुरुआत नहीं, बल्कि न्याय के मजबूत और सशक्त भविष्य की नींव है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत उसकी न्याय व्यवस्था में निहित होती है और जब न्याय सुलभ, सरल और प्रभावी होता है, तभी समाज में विश्वास और संतुलन कायम रहता है।
नवीन न्यायालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए सुव्यवस्थित चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली, विशाल पुस्तकालय, आरामदायक प्रतीक्षालय और पर्याप्त पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इससे न केवल न्यायिक कार्य सुचारू होंगे, बल्कि आमजन को भी सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
न्यायाधिपति डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भूमिका से न्याय प्रणाली और अधिक संवेदनशील एवं समावेशी बन रही है। वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को कड़ी मेहनत और निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि एक सफल वकील बनने के लिए ज्ञान और अनुशासन दोनों जरूरी हैं। न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर ने नवगठित अभिभाषक कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज में न्याय के प्रहरी होते हैं, जो कानून के शासन को मजबूत करते हैं और आमजन के अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने कहा कि 62 बीघा भूमि का आवंटन न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि वर्तमान न्यायालय वर्ष 1948 से संचालित हो रहा है और स्थानाभाव के कारण कई अदालतें परिसर से बाहर संचालित हो रही हैं। नए परिसर के निर्माण से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और न्यायिक कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार आएगा।
बार अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रस्तावित न्यायालय परिसर आने वाले समय में हजारों नागरिकों को पारदर्शी और प्रभावी न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा।शपथ ग्रहण समारोह में अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राणावत, महासचिव पंकज दाधीच, रेवेन्यू महासचिव मनोहर लाल बुनकर, कोषाध्यक्ष रवि गोरानी, सह-सचिव आदित्य सिंह चैहान एवं पुस्तकालय सचिव प्रताप तेली सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ली। पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए नई टीम को जिम्मेदारी सौंपी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जिला कलक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, न्यायालय स्टाफ और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन प्रियंका पुरोहित और अशोक व्यास ने प्रभावी ढंग से किया।
