ओम जैन
शंभूपुरा।स्मार्ट हलचल|चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी जो अधिकांशतः विवादों में रही है अब यहाँ नर्सिंग कोर्स की मान्यता को लेकर चल रहा विवाद अब गहरा गया है। अपनी डिग्री के भविष्य को लेकर प्रदर्शन कर रहे 33 कश्मीरी छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है।
चित्तौड़गढ़ गंगरार की मेवाड़ यूनिवर्सिटी का वैसे तो विवादों से हमेशा रिश्ता रहा है, यहाँ कुछ समय पहले कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने भी छापामारी कर फर्जी डिग्री का मामला उजागर किया था जिसके कुछ महीनों बाद ही अब एक बार फिर यही यूनिवर्सिटी सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह शिक्षा नहीं बल्कि छात्रों का आक्रोश है। यूनिवर्सिटी के बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम में पढ़ रहे 50 से ज्यादा कश्मीरी छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। आरोप है कि जिस कोर्स में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, उसे न तो राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और न ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से जरूरी अप्रूवल मिला है। ओर इनसे अप्रूवल ना होने पर डिग्री वेध नही मानी जाती है, ऐसे में आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रसासन छात्रों के भविष्य से खेल रहा है।
जानकारी में सामने आया छात्रों की सुनने के बजाय यूनिवर्सिटी ने बुधवार को 30 कश्मीरी छात्रों सहित कुल 33 छात्रों को संस्पेंड कर दिया है, जिसके बाद से ही छात्र धरने पर बैठ गए है।
इधर मामले पर गंगरार सीआई श्याम राज ने बताया कि बुधवार से छात्र धरने पर बैठे है जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे है, सुरक्षा की दृष्टि से मोके पर पुलिस जाप्ता तैनात है।
