महाभारत कालीन मां भद्रकाली मंदिर काटोली में संत समागम: धर्म जागरण, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर मंथन

– श्रीराम महाराज अघोरी बोले: लव जिहाद नहीं पनपने देंगे चाहे चली जाए जान-नशा मुक्ति पर भी जोर

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/निवाई ।स्मार्ट हलचल|जिले के निवाई उपखंड क्षेत्र के कांटोली ग्राम स्थित महाभारत काल प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर में रविवार को जिला स्तरीय संत समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जनकल्याण संस्थान जयपुर एवं जिला धर्म जागरण समन्वय टोंक के तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें जिलेभर से संत-महात्माओं व श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां भद्रकाली की आरती एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीराम महाराज अघोरी ने पधारे संतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।जिला धर्म जागरण समन्वय टोंक के संयोजक रामकिशन गुर्जर एवं सह-संयोजक हनुमान प्रसाद शर्मा ने आयोजन की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
*धर्म जागरण और सामाजिक चेतना पर जोर*
जयपुर से पधारे धर्म जागरण प्रांत प्रमुख अमर सिंह ने अपने उद्बोधन में हिंदू धर्म के संरक्षण एवं संवर्धन, मतांतरण रोकने तथा सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों पर विचार रखे। उन्होंने संत समाज से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को धर्म के प्रति जागरूक करें। इस दौरान संतों ने संवेदनशील बस्तियों को गोद लेकर वहां प्रवास करने और जनजागरण का संकल्प भी लिया।
*श्रीराम महाराज अघोरी का संबोधन*
मां भद्रकाली मंदिर कांटोली के पीठाधीश्वर श्रीराम महाराज अघोरी ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि “धर्म और संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।” उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को जागरूक रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “लव जिहाद जैसी गम्भीर प्रवृत्तियों को पनपने नहीं देंगे,चाहे इसके लिए जान ही क्यों न देनी पड़े।” इसके साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए नशा मुक्ति अभियान को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
*संतों ने रखे अपने विचार*
समागम में संत श्री मनीषदास महाराज (पलेई आश्रम), ज्ञानानंद महाराज, नवल गिरी महाराज, गोपाल दास महाराज, कबीरपंथी उचित साहिब, प्रेमदास महाराज, साध्वी नाथीबाई, स्वामी विवेकानंद गिरी महाराज सहित अनेक संतों ने धर्म जागरण, सामाजिक एकता और कुरीतियों के विरोध पर अपने विचार व्यक्त किए।
*सम्मान और समापन*
कार्यक्रम के अंत में श्रीराम महाराज अघोरी ने सभी संतों को शॉल ओढ़ाकर, श्रीफल एवं दक्षिणा भेंट कर सम्मानित किया तथा आभार व्यक्त किया। संतों सहित कार्यकर्ताओं व श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी भी ग्रहण की। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।