बूंदी की स्कूलों में अब टीचर्स के साथ-साथ जजेज भी लेंगे क्लास

बूंदी, 7 अप्रैल। स्मार्ट हलचल|एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026 योजना के तहत स्टूडेंट्स में विधिक जागरूकता लाने के अभियान का आगाज कर दिया गया है। इसके तहत राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने ट्रांसफोर्मेटिव ट्यूजडे अभियान शुरू किया है। जिसकी शुरुआत अप्रैल माह के पहले मंगलवार से हो चुकी है। अभियान के तहत बूंदी के 24 जज (सिविल जज से डीजे कैडर) चयनित 592 स्कूलों में स्टूडेंट्स को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएंगे। इसमें साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग आदि विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सरिता मीणा ने बताया- यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल से शुरू किया गया है। अभियान का शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत द्वारा 20 फरवरी को साइबर लॉ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस के अवसर पर किया गया था। जबकि अभियान का प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन आज से प्रारंभ किया गया है। अभियान के तहत क्लास 8 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स का कॉमन सैशन आयोजन हुआ। इसमें जजेज द्वारा विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों पर जागरूक किया गया।

आज बूंदी जिले में पदस्थापित न्यायिक अधिकारीगण श्री पंकज नरूका, श्रीमती सुमन गुप्ता, डॉ. संजय कुमार गुप्ता, श्रीमती सरिता मीणा, डॉ विवेक शर्मा, श्रीमती मिनाक्षी मीना, श्री दुदा राम खोकर, श्रीमती भावना भार्गव, डॉ. मनोज तिवारी, श्री जाकिर हुसैन, श्रीमती अंबिका, श्रीमती सीमा संदू, श्री आदित्य वशिष्ठ, श्री सिद्धांत सक्सैना, श्रीमती यशस्वी शर्मा, श्रीमती वृष्टि विज, सुश्री अल्का मीना, श्रीमती साक्षी शर्मा, श्री हनुमान सहाय मीना, पैनल लाॅयर, लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं पैरा लीगल वाॅलियन्टर्स द्वारा अभियान के तहत एक दिन में 2054 स्टूडेंट्स को लाभान्वित किया गया।

आगामी एक साल तक अलग-अलग विषयों पर सैशन का आयोजन किया जायेगा एवं यह अभियान पूरे सालभर चलेगा। इसमें हर माह के प्रत्येक प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को एक विषय पर स्टूडेंट्स को जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। इसकी शुरुआत साइबर सुरक्षा विषय से की जा रही है। इसके बाद अलग-अलग दिन दैनिक जीवन से जुड़े कानूनों, संवैधानिक अधिकारों, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी। यह पहल विद्यार्थियों को विधिक रूप से जागरूक बनाने के साथ-साथ उनमें उत्तरदायित्व एवं विधि के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सालभर में बूंदी की 592 से अधिक स्कूलों तक पहुंचा जाएगा।

*कोर्ट वाली दीदी को बता सकेंगे परेशानी*
अभियान के तहत जजेज ’कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी’ भी अपने साथ स्कूल में लेकर जाएंगे। यह पेटी पूरे दिन स्कूल परिसर में सी.सी.टी.वी. कैमरे की नजर से दूर रखी जाएगी एवं शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जावेगी। इस पेटी में कोई भी स्टूडेन्ट अपनी परेशानी लिखकर डाल सकेगा। उस शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम कार्रवाई करेगी।