ब्यावर में न्यायिक अधिकारियों ने संभाली कमान: विद्यार्थियों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर

अनिल कुमार

स्मार्ट हलचल|ब्यावर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के निर्देशानुसार मंगलवार को ब्यावर जिले में ‘ट्रांसफॉर्मिंग ट्यूसडे’ (Transforming Tuesday) कार्यक्रम के तहत एक वृहद विधिक साक्षरता अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश “ऑनलाइन सुरक्षित रहो-इंटरनेट सब कुछ याद रखता है” रहा।

*11 न्यायिक अधिकारियों ने दी कानूनी जानकारी*
प्राधिकरण के सचिव और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) श्री कमल कुमार ने बताया कि ब्यावर मुख्यालय पर पदस्थापित 11 न्यायिक अधिकारियों (डॉ. वीनू नागपाल, गिरीजा भारद्वाज, विजयप्रकाश सोनी, प्रवीण चौहान, पंकज सांखला, ब्रह्मानंद शर्मा, प्रवीण शंकर, मौनिका चौधरी, सुषमा जाखड़, सतीश फनीन एवं हर्षित शर्मा) ने विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया के खतरों के प्रति सचेत किया।

*कोर्ट वाली दीदी’ से मिलेगी मदद*
इस अभियान की सबसे खास कड़ी ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम की शिकायत एवं सुझाव पेटिका है। सचिव श्री कमल कुमार ने बताया कि यह पेटिका हर विद्यालय में स्थापित की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि कोई विद्यार्थी किसी भी प्रकार के शोषण या समस्या का सामना कर रहा है, तो वह बिना डरे अपनी बात लिख सके। इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और शिकायत करने वाले छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

*इन कानूनों पर रहा विशेष जोर* :
शिविरों के दौरान केवल साइबर सुरक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनों पर भी विस्तृत चर्चा की गई:

*पोक्सो (POCSO) एक्ट: यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण।*

*जुवेनाइल जस्टिस एक्ट: किशोरों के विधिक अधिकार।*

*बाल संरक्षण* : बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना।

*पूरे राज्य में गूँज रहा अभियान*
उल्लेखनीय है कि यह अभियान केवल ब्यावर तक सीमित नहीं है। पूरे राजस्थान में लगभग 1400 न्यायिक अधिकारी एक साथ विद्यालयों में जाकर नई पीढ़ी को कानून के प्रति संवेदनशील बना रहे हैं। ब्यावर में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि हर विद्यार्थी को कानून की बुनियादी जानकारी मिल सके और वे एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण में पढ़ाई कर सकें।