बिजोलिया के एवीएस शिक्षण संस्था द्वारा फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों ने उपखंड अधिकारी को दिया ज्ञापन

शिक्षा विभाग की अवहेलना का लगाया आरोप

दीपक राठौड़

बिजौलियाँ, स्मार्ट हलचल। ट्रस्ट सचालित एवं सीबीएसई संबद्ध आचार्य विद्यासागर (AVS) पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल” द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नियमों के विरुद्ध की गई भारी फीम एवं बस किराया वृद्धि के विरोध में बिजोलिया उपखंड अधिकारी अजीत सिंह राठौड़ को अभिभावको ने एक ज्ञापन सोपा |

ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों का कहना है कि
बिजौलियाँ स्थित आचार्य विद्या सागर पब्लिक स्कूल सीबीएसई का संचालन “श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पार्श्वनाथ तपोदय तीर्थ क्षेत्र समिति” द्वारा किया जा रहा है। मुनिश्री सुधासागर महाराज के आशीर्वाद से स्थापित इस संस्थान का मूल मंत्र “भेदभाव रहित शिक्षा” है। किंतु वर्तमान में प्रबंधन का निर्णय इन सेवाभावी आदशों के पूर्णतः विपरीत है।
स्कूल प्रबंधन द्वारा बस फीस में अप्रत्याशित वृद्धि की गई है। जहाँ पिछले सत्र तक वार्षिक किराया 5 हजार रूपये था, उसे सीधे बढ़ाकर 8 हजार 500 रुपए कर दिया गया है। परिवहन शुल्क में एक साथ 70 प्रतिशत 3500 रुपए की वृद्धि की गई यह वृद्धि पूर्णतः अनुचित और तर्कहीन है।

फीस एक्ट एवं सीबीएसई नियमों का उल्लंघन-
राजस्थान विद्यालय (फीस का विनियमन) अधिनियम, 2016 के अनुसार कोई भी निजी संस्थान बिना ‘स्कूल लेवल फीस कमेटी’ (SLFC) की पारदर्शी बैठक और अभिभावकों की सहमति के बिना फीस नहीं बढ़ा सकता।

सीबीएसई नियमों के अनुसार, ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल लाभ रहित होने चाहिए। संलग्र फीस चार्ट के अनुसार फीस में भी 30-40 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो “शिक्षा के व्यवसायीकरण” की श्रेणी में आता है।

शिक्षा विभाग के दिशा निर्देशों की अवहेलना-

फीस वृद्धि के साथ ही साथ विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की यूनिफार्म एवं किताबे भी एक ही विक्रेता से खरीदने पर मजबूर किया जाता है, तथा विद्यालय द्वारा ऐसी किताबे चयन की जाती है जिसमे की विद्यालय को मोटा कमीशन प्राप्त हो सके। जो किताब NCERT द्वारा पब्लिश की जाती है जिसकी लागत मूल्य 60 रूपए से लेकर 100 रूपए तक है। जबकि विद्यालय द्वारा जिन पब्लिशर की किताबो का चयन किया जाता है उस पुस्तक का मूल्य लगभग 300, 500 एवं 700 रुपए तक है। जबकि शिक्षा विभाग द्वारा इस सन्दर्भ में पूर्व में दिशा निर्देश प्रदेश के सभी विद्यालय के लिए जारी कर दिए गए है, किन्तु विद्यालय द्वारा उन
तभी दिशा निर्देशों की अवहेलना की जा कर मन माने ढंग से फीस लेकर एवं किताबो व यूनिफार्म में मुनाफाखोरी की जा रही है
आमजन का शोषण-
अभिभावकों का कहना है कि बिजोलिया एक मध्यमवर्गीय क्षेत्र है। एक सेवाभावी ट्रस्ट द्वारा संचालित विद्यालय से यह अपेक्षा की जाती है कि यह क्षेत्र की आर्थिक स्थिति का सम्मान करे, न कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का माध्यम बनाए।

ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने उपखंड अधिकारी से मांग की है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा लागू किए गए इस मनमाने फीस चार्ट और अत्यधिक बस किराए पर तुरंत रोक लगाई जाए।
इसी के साथ स्कूल के आय-व्यय और SLFC की बैठकों के रिकॉर्ड की जाँच करवाकर नियम विरुद्ध की गई वृद्धि को निरस्त करवाया जाए।

जाँच पूर्ण होने तक पुराने शुल्क ढांचे के आधार पर ही प्रवेश सुनिश्चित करने हेतु प्रबंधन को आदेशित किया जाएं ।