दौसा में ACB की बड़ी कार्रवाई: रोडवेज मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
दौसा | रिपोर्टर: नीरज मीणा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राजस्थान ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दौसा में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) के मुख्य प्रबंधक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा ने एक कर्मचारी से उसका मेडिकल अवकाश पास करने की एवज में 20,000 रुपये की घूस मांगी थी।
एसीबी हेल्पलाइन 1064 पर की गई थी शिकायत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक (पुलिस) गोविन्द गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने ए.सी.बी. हैल्पलाईन नम्बर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि परिवादी बीमार होने के कारण 18 दिसंबर 2025 से मेडिकल अवकाश पर था। 19 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य ठीक होने पर उसने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी और मेडिकल से संबंधित सभी दस्तावेज कार्यालय के एलडीसी (बाबू) भगवत को सौंप दिए थे।
इसके बाद परिवादी 25 मार्च 2026 को दौसा आगार के मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा से अपना मेडिकल पास करवाने के लिए मिला। आरोप है कि इस दौरान मुख्य प्रबंधक ने परिवादी से काम की एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की और उसे परेशान किया जाने लगा।
अलवर टीम ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी अलवर प्रथम द्वारा 2 अप्रैल और 7 अप्रैल 2026 को शिकायत का सत्यापन किया गया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रेप की योजना बनाई गई।
पुलिस मुख्यालय के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरविजन में ए.सी.बी. चौकी अलवर प्रथम के प्रभारी उप अधीक्षक पुलिस शब्बीर खान के नेतृत्व में आज (8 अप्रैल 2026) ट्रेप की कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी मुख्य प्रबंधक विश्राम मीणा को परिवादी से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे का अनुसंधान किया जाएगा।
