जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने किया आरएनटी परिसर का औचक निरीक्षण

महाराणा भूपाल व सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल में सुविधाओं, व्यवस्थाओं एवं निर्माण कार्यों पर दिया विशेष जोर

उदयपुर, 8 अप्रैल। स्मार्ट हलचल|जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल ने मंगलवार सुबह आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज, उदयपुर से संबद्ध महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय एवं सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और समयबद्ध सेवाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

ओपीडी और विभागों का जायजा
कलक्टर श्री अग्रवाल ने सबसे पहले महाराणा भूपाल चिकित्सालय के आउटडोर (ओपीडी) का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मरीजों को शीघ्र पर्ची उपलब्ध कराने, डॉक्टर से परामर्श, दवा वितरण तथा जांच प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित जांच रिपोर्ट प्रणाली का अवलोकन किया, स्वयं स्कैन कर रिपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया समझी और इसकी सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने मेडिसिन ओपीडी में टोकन व्यवस्था, वरिष्ठ नागरिक, सर्जरी, नेत्र, ईएनटी और मेडिकल ज्यूरिस्ट विभागों का भी जायजा लिया। इसके पश्चात सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय में उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी एवं एंडोक्रिनोलॉजी विभाग का निरीक्षण कर मरीजों से सीधे संवाद किया।

आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर जिला कलक्टर ने आपातकालीन ऑपरेशन थिएटर, ऑब्जर्वेशन वार्ड, मेडिकल इमरजेंसी, कॉटेज, सीटी स्कैन मशीन, प्लास्टर रूम और वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

‘सेतु’ और ‘मेरा अस्पताल मेरी जिम्मेदारी’ की सराहना
जिला कलक्टर ने दो महत्वपूर्ण नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ‘सेतु’ प्रणाली की जानकारी ली, जिसके तहत रेफर होकर आने वाले गंभीर मरीजों की रियल टाइम मॉनिटरिंग होती है और अस्पताल पहुंचते ही उपचार शुरू हो जाता है। साथ ही, उन्होंने ‘मेरा अस्पताल मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के तहत क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत एवं सुझाव प्रणाली को भी समझा। आरएनटी प्रशासन ने उन्हें अवगत कराया कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े आठ चिकित्सालयों में प्रतिदिन 8 से 12 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि प्रतिमाह 7 से 9 करोड़ रुपए की आय मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना (माँ योजना) के तहत हो रही है।

निर्माण कार्य और मासिक समीक्षा
कलेक्टर ने जनाना चिकित्सालय के नए भवन निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसे समयबद्ध पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और अंतर्विभागीय समन्वय के लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

निजी एम्बुलेंस के जमावड़े पर जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने परिसर में 70-80 निजी एंबुलेंस और वाहनों के अनधिकृत पार्किंग की समस्या से अवगत कराया। यह भी बताया गया कि कुछ निजी वाहन मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों की ओर ले जाते हैं। इस समस्या पर कलक्टर ने व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

इस दौरान प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन, अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. कुशल गहलोत, अधीक्षक डॉ. आर.एल. सुमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।