साइबर ठगी के अलग-अलग मामलों में 3 माह से फरार दो आरोपी गिरफ्तार-करीब 20 लाख रूपये की ठगी का आरोप

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा।स्मार्ट हलचल|जिले में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्पेशल टीम व पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में उनियारा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
जिला पुलिस अधीक्षक टोंक राजेश कुमार मीणा (आईपीएस) के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने साइबर ठगी के अलग-अलग मामलों में उनियारा थाना पुलिस ने करीब तीन माह से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में
दीपक (23) पुत्र बाबूलाल, निवासी गोड़ों की झोपड़िया, थाना उनियारा तथा लालचन्द (21) पुत्र धनराज कुशवाह, निवासी गोड़ों की झोपड़िया, थाना उनियारा, जिला टोंक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना उनियारा में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज था। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 316(2)
तथा आईटी एक्ट की धारा 66सी और 66डी शामिल हैं।
*करीब 20 लाख की साइबर ठगी*
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से लोगों को झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी की। दोनों आरोपियों को पुलिस की टीम ने 8 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस अब ठगी की राशि की बरामदगी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
*पुलिस टीम की भूमिका*
इस कार्रवाई में उनियारा थाना पुलिस की टीम का अहम योगदान रहा, जिसमें
थानाधिकारी कप्तान सिंह (पुलिस निरीक्षक) सहित पुलिसकर्मी केदार, महेन्द्र और विनोद शामिल रहे।
*क्षेत्र में चर्चाओं का दौर*
साइबर ठग (टिप्परों) की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में एक नया मुद्दा भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि थाना उनियारा के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) पर कथित रूप से साइबर ठगों को संरक्षण देने के आरोपों की चर्चा चल रही है।हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कथित रूप से स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठ रही है।
*पुलिस की अपील*
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें, किसी के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें, लालच या ऑफर के झांसे में न आएं। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें-यही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय हैं।