• RBI के ‘मनी वाइज’ प्रोग्राम के तहत 9 से 13 फरवरी तक मनाया जा रहा साक्षरता सप्ताह
• क्रिसिल फाउंडेशन के भागचंद धाकड़ ने बताए C-KYC के फायदे और साइबर ठगों से बचने के तरीके
महावीर सेन
मांडलगढ़/गेणोली।स्मार्ट हलचल|डिजिटल युग में सुरक्षित बैंकिंग के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत मोहनपुरा में एक महत्वपूर्ण वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ‘मनी वाइज’ प्रोग्राम के तहत 9 से 13 फरवरी तक मनाए जा रहे इस साक्षरता सप्ताह की इस वर्ष की थीम “केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखी गई है।
क्या है सी-केवाईसी (CKYC)?
क्रिसिल फाउंडेशन के सेंटर मैनेजर भागचंद धाकड़ ने बताया कि CKYC भारत सरकार की एक केंद्रीकृत प्रणाली है। इसके तहत ग्राहक की KYC जानकारी एक ही जगह स्टोर हो जाती है, जिससे बैंक, म्यूचुअल फंड या बीमा कंपनियों को बार-बार दस्तावेज नहीं देने पड़ते और खाता खोलना बेहद आसान हो जाता है।
फर्जी कॉल्स और साइबर ठगी से रहें सावधान
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीणों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के गुर सिखाए गए। धाकड़ ने विशेष रूप से आगाह किया कि आजकल ठग नकली पुलिसकर्मी बनकर कॉल करते हैं और डराकर पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। ऐसे फोन आने पर बिल्कुल न घबराएं और अनजान लिंक या कॉल से दूरी बनाए रखें।
केवाईसी क्यों है जरूरी?
शिविर में बताया गया कि बैंक खाते को अपडेट रखने से न केवल बैंकिंग सेवाओं में निरंतरता बनी रहती है, बल्कि यह वित्तीय अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। सरकारी योजनाओं का सुरक्षित लाभ प्राप्त करने के लिए भी सही केवाईसी अनिवार्य है
