श्री राधे फाउंडेशन की नई कार्यकारिणी घोषित, कमलेश दरगड़ अध्यक्ष व धर्मेन्द्र बसेर बने सचिव | स्मार्ट हलचल






श्री राधे फाउंडेशन की नई कार्यकारिणी घोषित, कमलेश दरगड़ अध्यक्ष व धर्मेन्द्र बसेर बने सचिव | स्मार्ट हलचल


स्मार्ट हलचल: सामाजिक सरोकार

श्री राधे फाउंडेशन की नई कार्यकारिणी घोषित, कमलेश दरगड़ बने अध्यक्ष व धर्मेन्द्र बसेर सचिव

तिलक नगर (भीलवाड़ा) स्थित श्री राधे फाउंडेशन की स्थापना के 3 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर संस्था की एक महत्वपूर्ण बैठक कुवाड़ा स्थित तेजाजी मंदिर में आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से संस्था की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसका कार्यकाल मार्च 2028 तक रहेगा।

फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष सुनील सोमानी ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से कमलेश दरगड़ को अध्यक्ष और धर्मेन्द्र बसेर को सचिव के पद पर मनोनीत किया गया है। इसके अलावा राजेंद्र कुमार जागेटिया, सुनील सोमानी और राजेन्द्र पोरवाल को संरक्षक का अहम दायित्व सौंपा गया है।

नवनियुक्त कार्यकारिणी का विस्तार:
नवनिर्वाचित अध्यक्ष कमलेश दरगड़ ने अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए निम्नलिखित पदाधिकारियों को मनोनीत किया:

  • उपाध्यक्ष: जगदीश सोनी
  • कोषाध्यक्ष: ओम सोमानी
  • सहसचिव: मनोहर झवर
  • संगठन मंत्री: सुशील बांगड
  • प्रचार-प्रसार मंत्री: दिनेश तोषनीवाल

मानव और पशु-पक्षी सेवा रहेगा मुख्य उद्देश्य

निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद अपने प्रथम उद्बोधन में अध्यक्ष कमलेश दरगड़ ने सभी सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने संकल्प लिया कि संस्था द्वारा पिछले 3 वर्षों से किए जा रहे सेवा कार्यों को निरंतर और अधिक ऊर्जा के साथ जारी रखा जाएगा। संस्था का मूल उद्देश्य मानव और पशु-पक्षी सेवा करना है।

संस्था द्वारा गौ माता को गुड़ और चारा खिलाना, उनके उपचार की व्यवस्था करना, सरकारी अस्पतालों व वृद्धाश्रमों में फल व भोजन वितरित करना, रेलवे व बस स्टेशन पर असहाय व कमजोर परिवारों को भोजन के पैकेट व बिस्किट बांटना तथा पक्षियों के लिए परिंडे बांधने जैसे पुनीत कार्य निरंतर किए जाएंगे।

सदस्यों के सहयोग से चलेंगे सेवा कार्य

पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था के सेवा कार्य प्रत्येक सदस्य द्वारा दिए जाने वाले मासिक सहयोग और सदस्यों के जन्मदिन व परिजनों की पुण्यतिथि पर प्राप्त होने वाले आर्थिक सहयोग से संचालित किए जाएंगे। प्राप्त राशि का शत-प्रतिशत उपयोग प्रतिमाह सेवा कार्यों में ही खर्च किया जाएगा। अंत में सभी से संस्था में अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़कर इसे एक नया आयाम देने का आह्वान किया गया।