ब्यावर में ‘जहर’ का कारोबार: रीको की 4 फैक्ट्रियों पर छापा, 10,500 किलो नकली मिर्च पाउडर सीज
ब्यावर | रिपोर्टर: अनिल कुमार
राजस्थान सरकार के ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने ब्यावर के रीको क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए मसालों में मिलावट के काले खेल का भंडाफोड़ किया है। जिला कलेक्टर कमल राम मीणा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय गहलोत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा टीम ने चार औद्योगिक इकाइयों पर अचानक छापेमारी कर भारी मात्रा में असुरक्षित खाद्य सामग्री जब्त की है।
चापड़ और सिंथेटिक रंग के घोल से बन रही थी ‘लाल मिर्च’
निरीक्षण के दौरान महावीर उद्योग, गोकुल उद्योग, गादिया सप्लायर्स और गुलाब चन्द्र उत्तमचन्द फर्मों पर भारी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि मिर्च पाउडर में तीखापन और वजन बढ़ाने के लिए गेहूँ के चापड़ और सिंथेटिक कलर्स का इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके पर मौजूद गंदगी और निर्माण का तरीका पूरी तरह से असुरक्षित और अस्वच्छ पाया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित स्टॉक को मौके पर ही सीज कर दिया:
- मिर्च पाउडर: 10,500 किलोग्राम
- धनिया पाउडर: 1,550 किलोग्राम
- गेहूँ का चापड़ (मिलावट हेतु): 700 किलोग्राम
- हल्दी पाउडर: भारी मात्रा में जब्त
लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी, मालिकों पर होगी सख्त कार्रवाई
टीम ने हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर के नमूने लेकर राजकीय खाद्य प्रयोगशाला, जयपुर भेज दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि लैब रिपोर्ट में नमूने ‘असुरक्षित’ पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्मों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिए जाएंगे और मालिकों (अनिल कुमार जैन, रित जैन, महेंद्र कुमार जैन) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जीरो टॉलरेंस: अगला निशाना होटल, रेस्टोरेंट और अनाज मंडियां
जांच टीम के सदस्य विनोद कुमार शर्मा, अमित शर्मा और नारायण सिंह ने बताया कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है। आगामी दिनों में शहर के होटलों, कैफे और रेस्टोरेंट की सघन जांच होगी। मिठाई की दुकानों और अनाज मंडियों में विशेष निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, तेल और फल-सब्जी विक्रेताओं के नमूनों की भी जांच की जाएगी।
