अष्टम पोषण पखवाड़े का भव्य आगाज; ‘कुपोषण मुक्त भारत’ के संकल्प के साथ निकली जागरूकता रैली

अनिल कुमार

 

बच्चों के मस्तिष्क विकास पर जोर: ब्यावर में पोषण पखवाड़े के तहत पहले 1000 दिनों की महत्ता पर जागरूकता

स्मार्ट हलचल|ब्यावर महिला एवं बाल विकास विभाग, ब्यावर द्वारा अष्टम पोषण पखवाड़े का उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। गुरुवार को अजमेरी गेट से डाकघर होते हुए भगत चौराहे तक एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को सही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था।
*मस्तिष्क विकास पर विशेष ध्यान*
इस वर्ष पखवाड़े की मुख्य थीम “जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रखी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शुरुआती 1000 दिन उनके संज्ञानात्मक और शारीरिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। रैली के माध्यम से इसी संदेश को घर-घर पहुँचाने का प्रयास किया गया।

*प्रमुख उपस्थितियाँ*
कार्यक्रम का शुभारंभ उपनिदेशक नीरू सांखला ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे:

नितेश यादव: बाल विकास परियोजना अधिकारी
चंद्रकांता जोशी व बर्फी मीना: महिला पर्यवेक्षक
सरिता मीना एवं विभागीय कार्मिक
जागरूकता के स्वर
हाथों में तख्तियां और “कुपोषण मुक्त भारत” के नारे लगाते हुए विभागीय कार्यकर्ताओं ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य और संवेदनशील देखभाल का संदेश दिया। विभाग का लक्ष्य खेल आधारित शिक्षा और उचित पोषण के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना है।