चिमु धतरवाल
बायतु।स्मार्ट हलचल|बाड़मेर जिले के बायतु उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जोगासर से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां स्वर्गीय जेठाराम पुत्र चैनाराम प्रभोणी धतरवाल का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।जानकारी के अनुसार, जेठाराम पिछले करीब तीन वर्षों से लीवर डैमेज जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिवार ने उनकी जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए—रिश्तेदारों और परिचितों से कर्ज लेकर इलाज करवाया, लेकिन अंततः उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जेठाराम अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। पीछे बुजुर्ग पिता, छोटा भाई और दो मासूम बच्चों की जिम्मेदारी रह गई, जिससे परिवार पूरी तरह असहाय हो गया है।
जनसहयोग बना सहारा
इस दुखद घड़ी में गांव के लोगों ने एकजुटता और मानवता की मिसाल पेश की। ग्रामीण कुम्भाराम धतरवाल की पहल पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर आमजन से सहयोग की अपील की गई। इस पहल को लोगों ने दिल से स्वीकार किया और देखते ही देखते करीब 6 लाख रुपये की सहायता राशि एकत्रित कर पीड़ित परिवार को सौंप दी गई।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि यह परिवार बेहद गरीब और मेहनतकश है। जेठाराम ही घर का एकमात्र सहारा थे। उनके जाने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था। ऐसे में पूरे समाज ने मिलकर सहयोग किया।
कुम्भाराम धतरवाल (ग्रामीण) ने बताया कि “हमने सभी से मदद की अपील की और समाज के सहयोग से 6 लाख रुपये जुटा पाए। यह मानवता और एकता की बड़ी मिसाल है।”
वहीं युवा व्यवसायी अशोक साई ने कहा कि “ऐसे समय में हमें एकजुट होकर जरूरतमंद परिवार की मदद करनी चाहिए। यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।”
👉 यह घटना समाज में एकता, संवेदनशीलता और मानवता की सच्ची मिसाल पेश करती है, जहां जरूरत पड़ने पर लोग एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं।
