“ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज़” एम्पावरिंग राजस्थान यूथ अभियान: उनियारा के विद्यालयों में विधिक जागरूकता का अलख-विद्यार्थियों को मिले अधिकारों व सुरक्षा के गुर

शिवराज बारवाल मीना
टोंक/उनियारा। स्मार्ट हलचल|राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के निर्देशानुसार संचालित “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज़” एम्पावरिंग राजस्थान यूथ अभियान के तहत शुक्रवार 10 अप्रैल शनिवार को उनियारा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में विधिक साक्षरता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी क्रम में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दीपक कुमार सोनी ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल खातोली में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विधिक जागरूकता, संवैधानिक अधिकार एवं कर्तव्य, साइबर सुरक्षा, बाल संरक्षण, पोक्सो अधिनियम, मानसिक स्वास्थ्य, नशा मुक्ति तथा सुरक्षित विद्यालय वातावरण जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित घटना की सूचना तुरंत विद्यालय प्रशासन या विधिक सेवा संस्थाओं तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।वहीं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. सुरभि सिंह ने नवीन ज्ञानोदय शिक्षा समिति सीनियर सेकेंडरी स्कूल उनियारा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता का महत्व समझाया। उन्होंने बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध, बाल श्रम उन्मूलन, साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और नशे से दूर रहने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं गोपनीय अभिव्यक्ति सुनिश्चित करने के लिए तालुका विधिक सेवा समिति उनियारा द्वारा “कोर्ट वाली दीदी” नामक विशेष शिकायत पेटी स्थापित करने की पहल की जानकारी दी गई। यह पेटी विद्यालय परिसर में एकांत एवं सीसीटीवी निगरानी से दूर सुरक्षित स्थान पर रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थी बिना किसी भय या संकोच के अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज कर सकें। प्राप्त शिकायतों को पूर्णतः गोपनीय रखते हुए अधिकृत न्यायिक अधिकारी द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। न्यायिक अधिकारियों ने कहा कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने और सुरक्षित, न्यायपूर्ण समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल की सराहना की। यह अभियान विद्यार्थियों को जागरूक, सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।