भारतीय सवर्ण संघ ने SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर उठाए सवाल, ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की मांग

स्मार्ट हलचल: राष्ट्रीय समाचार

भारतीय सवर्ण संघ ने SC-ST एक्ट के दुरुपयोग पर उठाए सवाल, ‘सवर्ण आयोग’ के गठन की मांग

लखनऊ | स्मार्ट हलचल (ब्यूरो)

देश में सामाजिक नीतियों और कानूनों को लेकर भारतीय सवर्ण संघ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के राष्ट्रीय महासचिव राधेश्याम तिवारी उर्फ साधु तिवारी ने एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के दुरुपयोग और आरक्षण व्यवस्था जैसे कई अहम सामाजिक व नीतिगत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुछ लोगों द्वारा एससी-एसटी एक्ट का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

राष्ट्रीय महासचिव तिवारी ने सरकार से मांग की है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले फर्जी मामलों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, जो लोग निजी स्वार्थ या रंजिश के चलते झूठे मुकदमे दर्ज कराते हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

संगठन की प्रमुख मांगें और चिंताएं:

  • सवर्ण आयोग का गठन: सवर्ण समाज के पीड़ित और प्रताड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक संस्थागत मंच (सवर्ण आयोग) बनाया जाए।
  • आर्थिक आधार पर आरक्षण: जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर जनगणना और सर्वे हो। आरक्षण का लाभ वास्तव में गरीब, शोषित और वंचितों को मिले, चाहे वे किसी भी वर्ग के हों।
  • संपन्न लोगों को लाभ क्यों?: जो लोग पहले से आर्थिक-सामाजिक रूप से सशक्त हैं और उच्च पदों पर आसीन हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ देना अनुचित है।
  • बढ़ता जातीय विभाजन: वर्तमान नीतियों और कानूनों के कारण समाज में भेदभाव और जातीय विभाजन बढ़ रहा है, जो सामाजिक एकता के लिए खतरा है।

भारतीय सवर्ण संघ ने केंद्र सरकार और देश के सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इन जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करें। संगठन का मानना है कि इन सुधारों से ही समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और वास्तविक न्याय मिल सकेगा।