नारी शक्ति वंदन अधिनियम से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी, नीति निर्माण में निभाएंगी अहम भूमिका: दिया कुमारी

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम—जयपुर में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी का संवाद कार्यक्रम

अजय सिंह (चिंटू)

जयपुर -स्मार्ट हलचल|दिया कुमारी ने जयपुर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं के साथ संवाद करते हुए “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं के विचार, सुझाव और अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें नीति निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है, जो देश की महिलाओं को नई पहचान और अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाओं को राजनीति और नीति निर्माण में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया था, लेकिन अब यह कानून उन्हें सशक्त बनाकर निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएगा।
संवाद कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्यमिता और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। उपस्थित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस अधिनियम से उन्हें नेतृत्व के नए अवसर मिलेंगे और वे समाज के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।
दिया कुमारी ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और अवसर दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व में कई सरकारों ने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात कही, लेकिन इसे धरातल पर उतारने का कार्य वर्तमान सरकार ने किया है।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इससे देश में सकारात्मक बदलाव आएगा और महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व करती नजर आएंगी।