बिजौलिया (भीलवाड़ा) |
स्मार्ट हलचल अजमेर रेंज आईजी राजेन्द्र सिंह और भीलवाड़ा एसपी धर्मेन्द्र सिंह के निर्देशन में जिले भर में चल रहे ‘म्यूल हंटर विशेष अभियान’ (1 से 30 अप्रैल) और ‘वांछित अपराधी गिरफ्तारी अभियान’ के तहत बिजौलिया थाना पुलिस ने दोहरी सफलता हासिल की है। पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते बेचने वाले गिरोह के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है, साथ ही एक साल से फरार चल रहे डकैती के एक स्थायी वारंटी को भी धर दबोचा है।
कार्रवाई 1: 8 राज्यों में फैला था साइबर ठगी का जाल, बेचे गए थे बैंक खाते
एएसपी पारस जैन और माण्डलगढ़ सीओ बाबूलाल विश्नोई के सुपरविजन में बिजौलिया थानाधिकारी स्वागत पाण्डया की टीम ने साइबर अपराधों में प्रयुक्त संदिग्ध बैंक खातों की जांच की। एएसआई सुनील बेनिवाल और साइबर डेस्क कांस्टेबल अनिल कुमार ने जब यूको (UCO) बैंक शाखा बिजौलिया के 3 संदिग्ध खातों का रिकॉर्ड खंगाला, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए।
इन खातों में 2,42,093 रुपये की साइबर ठगी की राशि का लेन-देन पाया गया। जांच में सामने आया कि इन खाताधारकों के खिलाफ दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और केरल सहित विभिन्न राज्यों के साइबर पोर्टलों पर कुल 8 शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने यूको बैंक खाताधारक आमीन और अशफाक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने दोस्त शाबीर के मार्फत अपने बैंक खाते (एटीएम, पासबुक, सिम) साइबर ठगों को बेच दिए थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शाबीर को भी गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई 2: डकैती के मामले में एक साल से फरार वांटेड गिरफ्तार
वांछित अपराधियों की धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीजे कोर्ट माण्डलगढ़ के एक प्रकरण (डकैती व मारपीट) में करीब एक साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी सत्तु उर्फ सत्यनारायण कंजर (निवासी बड़ा चिताबड़ा) को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी में एएसआई नरेश कुमार की अहम भूमिका रही।
- आमीन: पुत्र जब्बार, निवासी विजय सागर तालाब के पास, बिजौलिया (बैंक खाता विक्रेता)।
- अशफाक हुसैन: पुत्र कालू, निवासी फकीर बस्ती, बिजौलिया (बैंक खाता विक्रेता)।
- शाबीर: पुत्र मोहम्मद रफीक, निवासी फकीर बस्ती, बिजौलिया (साइबर ठगों का सहयोगी)।
- सत्तु उर्फ सत्यनारायण कंजर: डकैती का फरार स्थायी वारंटी, निवासी बड़ा चिताबड़ा।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम:
थानाधिकारी स्वागत पाण्डया, एएसआई सुनील बेनिवाल, एएसआई नरेश कुमार (विशेष योगदान), कांस्टेबल अनिल कुमार (विशेष योगदान), कांस्टेबल दलवीर, विश्राम, देवीसिंह, हेमाराम, शिवपाल, रणजीत और नरेन्द्र।
