सूरौठ। स्मार्ट हलचल|कस्बा सूरौठ में जाटव समाज की ओर से संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई। कस्बे में बैंड बाजों एवं आकर्षक झांकियां के साथ अंबेडकर शोभा यात्रा निकाली गई। हिंडौन बयाना मार्ग स्थित अंबेडकर आश्रम में डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। जयंती कार्यक्रम की मुख्य अतिथि करौली की पूर्व प्रधान एवं करौली धौलपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रही इंदु देवी जाटव थी तथा अध्यक्षता डॉ अंबेडकर जयंती समारोह के अध्यक्ष मोहर सिंह ठेकेदार ने की। इस अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने डॉ अंबेडकर की जीवनी पर प्रकाश डाला।
जयंती कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं पंच पटेलों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप जलाकर की। कार्यक्रम में अतिथियों का साफे, मालाएं व सोल पहनाकर तथा अंबेडकर दुपट्टा उढा कर सम्मान किया गया। इसी तरह जाटव समाज के 14 पटेलों को नीला साफा पहनाकर तथा सर्व समाज के लोगों को जय भीम का दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। शोभा यात्रा को मुख्य अतिथि इंदु जाटव ने हरी झंडी दिखाकर विधिवत रूप से रवाना किया। शोभायात्रा अंबेडकर आश्रम से शुरू हुई तथा बस स्टैंड, बाजार, मुख्य चौराहे, पुलिस चौकी सर्किल, मस्जिद चौराहा, मरघट तिराहा, सब्जी मंडी सर्किल सहित प्रमुख मार्गो से होती हुई अंबेडकर आश्रम पहुंची। शोभायात्रा में डॉ भीमराव अंबेडकर, छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा बुद्ध, संत रविदास सहित कई झांकियां शामिल रही। शोभा यात्रा का बाजार एवं प्रमुख मार्गों पर सर्व समाज के लोगों ने अभिनंदन किया। जयंती समारोह कार्यक्रम में जाटव समाज के तहसील अध्यक्ष परसादी बाबू, जिला जाटव समाज सुधार समिति के पूर्व तहसील अध्यक्ष सतेंद्र जाटव, पूर्व सरपंच नत्थू सिंह राजावत, विशन महावर, कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजीव शुक्ला, सैनी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष मोहर सिंह सैनी, कांग्रेस के ब्लॉक प्रवक्ता प्रमोद तिवाड़ी, महादेव जांगिड़, रामेश्वर ठेकेदार, पुरुषोत्तम जाटव, नीरज जाटव, रजनीश मीणा, केदार मीणा, दौलत मीणा, बाबू माली, राहुल भाई, बाबू भंडारा, वेद प्रकाश शर्मा, रामावतार शर्मा, कमलेश महावर, बाबू खान, जहीर खान, राम सिंह करू, गुरु दत्त सरस,, राम सिंह डायरेक्टर, श्रीफल ठेकेदार, पप्पू मेंबर, सुनील सरस, अविनाश जाटव, अशोक जाटव, डॉ खलील खान, फजला खान, जांगिड़ समाज के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जांगिड़, राम सिंह जय गुरुदेव सहित काफी संख्या में सर्व समाज के लोग मौजूद रहे।
