भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ लामबंद हुए पंचायत राज कर्मचारी, ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग

अनिल कुमार

ब्यावर। स्मार्ट हलचल|जिला परिषद ब्यावर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) श्री गोपाल जी मीणा और पंचायत राज कार्मिकों के बीच विवाद गहरा गया है। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ एवं पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ ने ए.सी.ई.ओ. पर नियम विरुद्ध कार्यवाही करने, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने और कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है।क्या है पूरा मामला?
मामला ग्राम पंचायत सेवरिया (जैतारण) से जुड़ा है। आरोप है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की समीक्षा के दौरान तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस जॉब कार्ड की शिकायत को आधार बनाकर ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक के निलंबन की सिफारिश की गई, वह कार्य 5 मार्च 2026 को ही पूर्ण किया जा चुका था। इसके बावजूद 8 अप्रैल को समीक्षा बैठक में कार्मिकों को निशाना बनाया गया।

नौकरी खा जाने’ की धमकी का आरोप
ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश ने आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान ए.सी.ई.ओ. गोपाल मीणा ने मर्यादाओं की सीमा लांघ दी। उन्होंने न केवल अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि कर्मचारी को ‘नौकरी खा जाने’ की धमकी भी दी। संघ का कहना है कि जिले में निरीक्षण और जांच के नाम पर भय का माहौल पैदा किया जा रहा है और कर्मचारियों पर अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा है।

बैठक में लिया गया आंदोलन का निर्णय
ब्यावर में आयोजित संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि निर्दोष कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही की गई या ए.सी.ई.ओ. के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो जिले के समस्त पंचायत कर्मी उग्र आंदोलन करेंगे। जैतारण उपखण्ड अधिकारी को पहले ही इस संबंध में ज्ञापन दिया जा चुका है और अब उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

इन पदाधिकारियों ने जताई नाराजगी:
बैठक में जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश, महामंत्री महेंद्र रिणवा, उपाध्यक्ष शंकरलाल चौधरी, रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष विकास, जैतारण ब्लॉक अध्यक्ष धर्माराम, बदनोर ब्लॉक अध्यक्ष गुड्डू मीणा और जिला महिला संयोजक प्रतिभा शर्मा सहित कई कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।

जब कार्य समय पर पूरा हो चुका था, तो निलंबन की सिफारिश क्यों? हम किसी भी साथी का मानसिक और प्रशासनिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
— प्रवक्ता, ग्राम विकास अधिकारी संघ, ब्यावर