(शीतल निर्भीक ब्यूरो)
वाराणसी।स्मार्ट हलचल|समानता, न्याय और अधिकारों की आवाज़ जब गूंजती है, तो इतिहास खुद को जीवंत कर देता है—ऐसा ही भावपूर्ण दृश्य वाराणसी मंडल कार्यालय के भारतेन्दु सभागार में 15 अप्रैल 2026 को देखने को मिला, जहां बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती गरिमामय माहौल में मनाई गई। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ उनके द्वारा बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक अशोक कुमार वर्मा, अजय सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.जे. चौधुरी समेत मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और रेल कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे तथा सभी ने पुष्पांजलि अर्पित कर बाबा साहेब को नमन किया।
अपने संबोधन में आशीष जैन ने कहा कि बाबा साहेब केवल एक व्यक्तित्व नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के लिए समानता और न्याय की मजबूत आवाज हैं, जिन्होंने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को ऐसा आधार दिया, जिससे हर नागरिक को समान अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के प्रयासों से ही आज समाज का वंचित वर्ग सम्मान के साथ जीवन जी रहा है, इसलिए हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारकर एक शिक्षित, संगठित और सशक्त समाज का निर्माण करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सहायक कार्मिक अधिकारी वीरेन्द्र यादव ने बाबा साहेब को युगपुरुष बताते हुए कहा कि उनके विचारों ने सामाजिक ढांचे को नई दिशा दी और एक नए भारत की नींव रखी।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति/जनजाति एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, ओबीसी एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.एन. यादव, ऑल इंडिया मेंस कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी बाबा साहेब के व्यक्तित्व, विचारधारा और सामाजिक न्याय के संघर्ष पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की विशेष झलक 13 अप्रैल को आयोजित “भारत के सामाजिक न्याय के वास्तुकार” विषयक निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान रहा, जिसमें अमित तिवारी ने प्रथम, सुरेन्द्र यादव ने द्वितीय और हैप्पी चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, जिन्हें क्रमशः नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अंत में सहायक कार्मिक अधिकारी वीरेन्द्र यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि कार्यक्रम की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने मीडिया को दी।
