“साहब की कुर्सी पर ‘रिश्वत’ का खेल: नादौती SDM काजल मीणा जाल में फंसी, बैग से निकला 4 लाख का अतिरिक्त कैश”

रीडर और बाबू भी शिकंजे में; बैग से 4 लाख का अतिरिक्त कैश बरामद
करौली/नादौती | 16 अप्रैल 2026
स्मार्ट हलचल|भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। करौली जिले के नादौती में कार्यरत महिला एसडीएम (SDM) काजल मीणा को एसीबी की टीम ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में एसडीएम के साथ उनके रीडर दिनेश और बाबू प्रवीण को भी दबोचा गया है।
जमीन विवाद निपटाने के नाम पर मांगी थी घूस
जानकारी के अनुसार, नादौती उपखंड कार्यालय में जमीन से संबंधित किसी मामले (तकासमा या फाइल आगे बढ़ाने) के एवज में पीड़ित से रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद सवाई माधोपुर एसीबी की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही एसडीएम और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
एसीबी की तलाशी में मिला 4 लाख का अतिरिक्त कैश
एसीबी की इस कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी रीडर के पास मौजूद बैग की जब तलाशी ली गई, तो उसमें से करीब 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद हुई है। ब्यूरो अब इस राशि के स्रोत की जांच कर रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक के निर्देश पर यह पूरी कार्रवाई एडिशनल एसपी ज्ञान सिंह के नेतृत्व में की गई।
घटना के मुख्य बिंदु:
मुख्य आरोपी: एसडीएम काजल मीणा (आरएएस अधिकारी)।
सह-आरोपी: रीडर दिनेश और लिपिक प्रवीण।
रिश्वत राशि: 60,000 रुपये (रंगे हाथों पकड़े गए)।
अतिरिक्त बरामदगी: 4 लाख रुपये नकद (संदेह के घेरे में)।
कारण: सरकारी काम/फाइल निपटारे के बदले धन की मांग।