‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली प्रियंका गांधी महिला आरक्षण पर चुप क्यों?: सांसद जोशी
नई दिल्ली/चित्तौड़गढ़, 18 अप्रैल।
स्मार्ट हलचल|भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने महिला आरक्षण से जुड़े ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस की चाल, चरित्र और चेहरा हमेशा से ही महिला विरोधी रहा है और अब जनता की अदालत में उन्हें इसका जवाब मिलेगा।
सांसद जोशी ने कहा कि जब देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने का अवसर आया, तब कांग्रेस और विपक्षी दलों ने इस विधेयक का समर्थन नहीं करके देश की लगभग 50 प्रतिशत महिला आबादी की आकांक्षाओं के साथ अन्याय किया है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ एक ऐतिहासिक निर्णय
जोशी ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को देश की महिलाओं को राजनीति में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए इस कानून के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाएं निर्णय प्रक्रिया और राष्ट्र निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। उन्होंने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध करना कांग्रेस और विपक्ष की ‘संकीर्ण मानसिकता’ को दर्शाता है।
प्रियंका गांधी के नारे पर सवाल
सांसद जोशी ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” का नारा देने वाली प्रियंका गांधी का आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध क्यों है? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों पर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी की है, लेकिन जब वास्तविक निर्णय लेने का अवसर आया तो विकास की इस ऐतिहासिक पहल का विरोध किया।
राजस्थान में महिला सुरक्षा पर भी उठाए सवाल
जोशी ने राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान महिलाओं की स्थिति और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस के शासन में बेटियां असुरक्षित थीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में राजस्थान लगातार शीर्ष राज्यों में शामिल रहा, और अलवर, जोधपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर में हुई घटनाओं ने प्रदेश को शर्मसार किया। जोशी ने यह भी कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा के नाम पर केवल घोषणाएं कीं, जबकि निर्भया फंड का इस्तेमाल, महिला गश्ती दल और सीसीटीवी कैमरों से जुड़ा काम ज़मीन पर आधा-अधूरा रहा।
सांसद जोशी ने अंत में विश्वास जताया कि देश की महिलाएं आज जागरूक हैं और वे भली-भांति समझती हैं कि कौन उनके अधिकारों और सम्मान के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता की अदालत में कांग्रेस और ऐसे विपक्षी दलों को इसका जवाब अवश्य मिलेगा।
