Homeभरतपुरमाही टॉक फेस्ट 4.0: कला, साहित्य और संवाद का उत्सव

माही टॉक फेस्ट 4.0: कला, साहित्य और संवाद का उत्सव

बांसवाड़ा में पहली बार नेशनल बुक ट्रस्ट बुक फेयर व टॉक फेस्ट का भव्य आगाज

बांसवाड़ा, 23 जनवरी।स्मार्ट हलचल| गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय और विश्व संवाद केन्द्र उदयपुर के तत्वावधान में कला, साहित्य और वैचारिक संवाद के उत्सव के रूप में आयोजित माही टॉक फेस्ट 4.0 के अंतर्गत बांसवाड़ा जिले को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। इस अवसर पर जिले में पहली बार नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) के पुस्तक मेले और संविधान विषयक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसने बांसवाड़ा के शैक्षणिक और बौद्धिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की है। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस आयोजन को पाठकों, विद्यार्थियों और शिक्षाविदों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

*कुलगुरु ने किया उद्घाटन, कहा— पुस्तकें अमूल्य धरोहर :*

माही टॉक फेस्ट के तहत नेशनल बुक ट्रस्ट के बुक फेयर और संविधान विषयक प्रदर्शनी का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने मौली बंधन खोलकर किया। इस अवसर पर प्रो. राजश्री चौधरी एवं रुचि श्रीमाली ने अतिथियों को बुक फेयर और प्रदर्शनी के उद्देश्य, विषयवस्तु और महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन पाठकों को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और समकालीन विचारधाराओं से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने प्रदर्शित पुस्तकों को देखा और इसकी विषयवस्तु की तारीफ की।

*कुलगुरु ने खरीदी पुस्तकें, कहा—युवाओं में पढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करनी जरूरी :*

उद्घाटन के पश्चात कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने नेशनल बुक ट्रस्ट, विश्व संवाद केंद्र एवं अन्य प्रकाशकों के स्टॉलों का अवलोकन किया और विभिन्न पुस्तकों की खरीदारी की। उन्होंने इन पुस्तकों का भुगतान आनलाइन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान की धरोहर हैं। ये व्यक्ति के चरित्र निर्माण और राष्ट्र के बौद्धिक विकास की आधारशिला होती हैं। उन्होंने युवाओं में पढ़ने की प्रवृत्ति विकसित करने की आवश्यकता जताई और कहा कि किताबें वास्तव में अमूल्य होती हैं। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य और संवाद के इस उत्सव के अंतर्गत आयोजित नेशनल बुक ट्रस्ट का बुक फेयर और संविधान विषयक प्रदर्शनी बांसवाड़ा में पुस्तक संस्कृति और संवैधानिक चेतना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

*500 से अधिक टाइटल और 2000 से ज्यादा पुस्तकें पाठकों के लिए*

तीन दिवसीय बुक फेयर में साहित्य, इतिहास, संविधान, जनजातीय अध्ययन, संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रबोध से संबंधित 500 से अधिक टाइटल और 2000 से ज्यादा पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं संविधान विषयक प्रदर्शनी में भारतीय संविधान की निर्माण प्रक्रिया, उसकी मूल भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

*शिक्षाविदों, युवाओं और पाठकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता*
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार कश्मी कौर, प्रो. राजेश जोशी, प्रो. नरेंद्र पानेरी, डॉ. प्रमोद वैष्णव, डॉ. राकेश डामोर, साहित्यकार नरेन्द्र मदनावत सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे। विश्व संवाद केंद्र की ओर से मदन मोहन टांक, डॉ. कमलेश शर्मा, डॉ. सुनील कुमार खटीक, विकास छाजेड़, नीरज श्रीमाली, मामराज, जयराज सहित बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और विश्वविद्यालय स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

*माही टॉक फेस्ट 4.0 में चर्चा सत्र आज से*
*उद्घाटन सत्र में जिला कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत यादव IAS होंगे मुख्य अतिथि*
*समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक श्री निंबाराम जी करेंगे राष्ट्र साधना पर संवाद*

बांसवाड़ा, 23 जनवरी। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा एवं विश्व संवाद केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में साहित्य, संवाद और कला उत्सव माही टॉक फेस्ट (MTF) 4.0 का भव्य आयोजन 23 से 25 जनवरी तक विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा। “एकात्म भारत” की थीम पर आधारित यह फेस्ट विचार, संस्कृति, राष्ट्रबोध और रचनात्मक अभिव्यक्ति का संगम होगा। फेस्ट का औपचारिक उद्घाटन सत्र 24 जनवरी को प्रातः 10 बजे विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित होगा। इस अवसर पर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बांसवाड़ा डॉ. इन्द्रजीत यादव, IAS मुख्य अतिथि होंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर करेंगे।

*आज के आकर्षण :*
शनिवार को उदघाटन सत्र के बाद पत्रकारिता  विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन.के.पाण्डेय द्वारा लोक साहित्य और एकात्म विषय पर तथा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रो.अमिताभ श्रीवास्तव कम्यूनिटी रेडियो विषय पर चर्चा सत्र करेंगे। अपराह्न 4 बजे रतलाम के कलाकारों द्वारा मलखंभ प्रदर्शन होगा। इससे पहले काकोरी रेल एक्शन की शताब्दी के अवसर पर ‘काकोरी’ शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन, डिजिटल कंटेंट पर चर्चा, जनजातीय नायक विषयक ड्रॉइंग प्रतियोगिता और लोक साहित्य पर संवाद आयोजित होंगे।
दिन के विशेष आकर्षण के रूप में अभयारानी अबक्का पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर राजीव द्विवेदी रहेंगे।

*तीसरे दिन रील्स, वर्कशॉप और राष्ट्रबोध*

25 जनवरी को रील्स मेकिंग प्रतियोगिता, आर्ट ऑफ रीडिंग कार्यशाला, मीडिया–सरोकारी संवाद तथा आनंद मठ और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विशेष चर्चा होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगीतमय स्टोरीटेलिंग प्रस्तुति भी शामिल रहेगी।

*समापन सत्र 25 जनवरी को*

फेस्ट का समापन सत्र 25 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित होगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजस्थान के क्षेत्र प्रचारक श्री निंबाराम जी मुख्य अतिथि के रूप में ‘राष्ट्र साधना के 100 वर्ष’ विषय पर विचारोत्तेजक संवाद प्रस्तुत करेंगे।

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