टोंक (स्मार्ट हलचल)। नेशनल हाईवे-52 पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। झालावाड़ जिले की खानपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक सुरेश गुर्जर की तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में उमर गांव के पूर्व सरपंच बाबू मोहन मीणा (55) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बासनी गणेश मंदिर के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा देवली थाना क्षेत्र में बासनी गणेश मंदिर के कट के पास हुआ। पूर्व सरपंच बाबू मोहन मीणा अपनी बाइक से देवली की ओर जा रहे थे, तभी जयपुर से कोटा की ओर जा रही विधायक की स्कॉर्पियो ने उन्हें सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मृतक का एक पैर शरीर से कटकर अलग हो गया। हादसे के वक्त विधायक सुरेश गुर्जर गाड़ी में ही मौजूद थे।
“स्कॉर्पियो की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसे देखते हुए पुलिस ने विधायक को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।” – प्रत्यक्षदर्शी
परिजनों ने हाईवे पर शव रखकर लगाया जाम
हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुँच गए। आक्रोशित लोगों ने विधायक के ड्राइवर और गाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते NH-52 पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर हिंडोली एसडीएम, तहसीलदार और डीएसपी भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुँचे और करीब दो घंटे की समझाइश के बाद जाम खुलवाया।
राजनीतिक परिवार से थे मृतक
मृतक बाबू मोहन मीणा का राजनीतिक इतिहास काफी पुराना रहा है। वे वर्ष 1991 में उमर गांव के सरपंच रहे थे। उनके पिता गंगाराम मीणा भी वर्ष 1963 से 1968 तक विधायक रह चुके हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।










