अजय सिंह (चिंटू)
जयपुर -स्मार्ट हलचल|गणगौरी हॉस्पिटल में 15 साल की बच्ची की तीन घंटे दूरबीन से सर्जरी कर पेट से बड़ी गांठ निकाली गई। सीनियर सर्जन डॉ.मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि अमूमन इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी गांठ बनना चौंकाने वाला है। मरीज को गांठ के कारण चलने-फिरने और सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। इसके बाद उसके परिजन उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे थे। बच्ची का 21 जनवरी को सफल ऑपरेशन किया गया था। वहीं करीब 5 दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद बच्ची को छुट्टी दी गई।
बच्ची का पेट फूलकर बढ़ गया था
पं. दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल गणगौरी बाजार के अधीक्षक डॉ.लीनेश्वर हर्षवर्धन और सीनियर सर्जन डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि 15 साल की आसलपुर निवासी बच्ची 17 जनवरी को हॉस्पिटल की ओपीडी में दिखाने पहुंची थी। बच्ची का पेट फूलकर बहुत बढ़ गया था। उसे खाने-पीने के साथ चलने और सांस लेने में तकलीफ थी। इसके बाद बच्ची की सोनोग्राफी सहित अन्य जांचें की तो पता चला कि पेट में बड़ी गांठ (35 बाई 28 सेंटीमीटर) है। ये गांठ पेलवीस से होकर डायफ्राम तक फैली थी। कुछ जगह आंतों से भी चिपक गई थी।
बड़ा चीरा न लगाकर 2 छेद से निकाली गांठ
डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया- बच्ची छोटी थी। उसके माता-पिता को चिंता थी कि ऑपरेशन के बाद बच्ची के शरीर पर बड़ा चीरा लगाने का निशान दिखेगा। इससे उसके बड़े होने पर दिक्कत हो सकती है। शर्मा ने कहा कि तमाम जांचें करने और टीम से चर्चा के बाद लोप्रोस्कॉपिक (दूरबीन) के जरिए इसे निकालने का फैसला किया। ऑपरेशन 21 जनवरी को किया गया। ऑपरेशन ढ़ाई घंटे से भी ज्यादा समय तक चला।
डॉ. शर्मा ने बताया- केवल 2 छेद (2 से 3 सेमी. के) पूरे पेट पर करके दूरबीन से गांठ को सफलतापूर्वक निकाला गया। उन्होंने बताया- ऑपरेशन में दूरबीन से सबसे ज्यादा कठिन काम गांठ को पेट के अंदर आंतों और दूसरे हिस्सों से अलग करना था। जिससे ये चिपकी हुई थी। डॉक्टर ने बताया- बच्ची ऑपरेशन के दूसरे दिन काफी अच्छा महसूस कर रही थी। तीसरे दिन से उसने खाना-पीना शुरू कर दिया। करीब 5 दिन ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद बच्ची को छुट्टी दी गई। इस दौरान इस ऑपरेशन में डॉ.संजय, डॉ.कमलेश, डॉ. रजत और डॉ. विरेंद्र भी शामिल रहे।













