राकेश मीणा
भीलवाड़ा।स्मार्ट हलचल|जब समाज बदलाव के लिए तैयार होता है, तो कोई न कोई आगे बढ़कर इतिहास लिखता है… और इस बार यह साहसिक कदम उठाया है प्रगतिशील सोच रखने वाले परिवार ने, जिन्होंने सगाई जैसी महत्वपूर्ण रस्म को मात्र ₹1 में संपन्न कर दहेज प्रथा पर करारा प्रहार किया।यह पहल प्रगतिशील संगठन के सदस्य आरएन मीणा के परिवार की ओर से सामने आई, जिसने पूरे समाज को एक सशक्त संदेश दिया है—
रिश्ते बोझ नहीं, विश्वास और संस्कार का बंधन होते हैं।
जानकारी के अनुसार, वर पक्ष की ओर से पीपलवाड़ा (तहसील बोली, जिला सवाई माधोपुर) निवासी तथा वर्तमान में जयपुर के अशोक विहार, जगतपुरा में रह रहे पीएनबी मैनेजर जगदीश प्रसाद मीणा के सुपुत्र सुधांशु मीणा की सगाई सादगी और संकल्प के साथ सम्पन्न हुई।
सगाई के दौरान वह क्षण सबसे खास रहा, जब विदाई के पाटे पर केवल ₹1 स्वीकार किया गया।
यह एक रुपया सिर्फ एक राशि नहीं, बल्कि एक विचार था—
👉 दहेज प्रथा के खिलाफ विद्रोह
👉 सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज
👉 और नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा
यही नहीं, वर पक्ष ने यह ऐलान कर इस पहल को और मजबूत बना दिया कि विवाह में भी मात्र ₹1 ही लिया जाएगा, जिससे दहेज जैसी कुप्रथा को जड़ से खत्म करने का संदेश दिया जा सके।
वहीं वधू पक्ष की ओर से ग्राम बगड़ी (तहसील लालसोट, जिला दौसा) निवासी श्री राम अवतार मीणा की पुत्री सविता मीणा की सगाई 27 मार्च 2026 को गरिमा के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रगतिशील संगठन के सदस्य आरएन मीणा (राम नारायण मीणा) ने विदाई की रस्म निभाते हुए इस सामाजिक अभियान को और मजबूती दी।
यह सिर्फ एक सगाई नहीं थी…
यह समाज को झकझोरने वाली एक पहल थी…
जो यह बता गई कि अगर इरादे मजबूत हों, तो परंपराएं भी बदली जा सकती हैं।
आज जरूरत है कि हर परिवार इस उदाहरण से प्रेरणा ले और दहेज जैसी कुरीति को हमेशा के लिए खत्म करने का संकल्प ले।
क्योंकि जब एक परिवार बदलता है,
तो समाज बदलने की शुरुआत हो जाती है।
