एक करोड़ की सहायता और निःशुल्क सीमेंट देने की घोषणा, 11-11 लाख रुपये के सहयोग से निर्माण को मिलेगा संबल
मंत्री अविनाश गहलोत व लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशजी भाईसाहब की मौजूदगी में हुआ भूमि पूजन
अनिल कुमार खींची
ब्यावर। स्मार्ट हलचल।युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उद्योगों को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लघु उद्योग भारती ब्यावर ने महत्वपूर्ण पहल की है। रीको औद्योगिक क्षेत्र के तृतीय चरण में अजमेर रोड स्थित एसपी-1 एवं 2 पर प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र के भवन का सोमवार को विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया। केंद्र में आधुनिक मशीनों, उद्योग प्रयोगशाला और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
भूमि पूजन समारोह में राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश, संगठन के निवर्तमान अखिल भारतीय अध्यक्ष एवं राजस्थान-गुजरात क्षेत्र के प्रभारी घनश्याम ओझा, राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.पी. सारस्वत तथा नगर परिषद सभापति पुष्पा जयकिशन बल्दुआ सहित अनेक गणमान्यजन, उद्यमी और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
निर्माण के लिए मिलेगी बड़ी आर्थिक सहायता
कौशल विकास केंद्र के निर्माण को गति देने के लिए समारोह में सहयोग की महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। वंडर सीमेंट, किशनगढ़ के अशोक पाटनी की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा लगभग 30 हजार वर्गफीट क्षेत्र में प्रस्तावित भवन के निर्माण के लिए आवश्यक सीमेंट निःशुल्क उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। वहीं संगठन के पालक अधिकारी प्रकाशजी अम्बुरे और निर्माण समिति के अध्यक्ष दीपकजी झंवर ने 11-11 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की। इन सहयोगों से केंद्र निर्माण को गति मिलने की उम्मीद है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा केंद्र
प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र में युवाओं को आधुनिक मशीनों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ उद्योग प्रयोगशाला और अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। एआई सहित आधुनिक तकनीकों के उपयोग से युवाओं को बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप दक्ष बनाया जाएगा। केंद्र में कॉन्फ्रेंस रूम और सभागार भी विकसित किए जाएंगे, जहां औद्योगिक बैठकें, कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्यमिता विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित होंगी।
विकसित भारत के लक्ष्य में कौशल विकास की अहम भूमिका : गहलोत
मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि कौशल विकास केंद्र युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने और उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं का हुनरमंद बनना आवश्यक है। उन्होंने उद्यमियों और शहरवासियों से केंद्र के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि प्रशिक्षण गतिविधियां शीघ्र शुरू हो सकें।
रोजगार के साथ संस्कार और आत्मनिर्भरता भी उद्देश्य : प्रकाशजी भाईसाहब
लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाशजी भाईसाहब ने कहा कि संगठन का उद्देश्य उद्योगों के माध्यम से आर्थिक समृद्धि के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व और संस्कारों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केंद्र का लक्ष्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर पहुंचाना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाकर रोजगार से जोड़ना इस परियोजना की मूल भावना है।
दस साल में 35 से बढ़कर 435 सदस्य हुए
लघु उद्योग भारती ब्यावर इकाई के अध्यक्ष सचिन नाहर ने बताया कि करीब दस वर्ष पहले 35 सदस्यों के साथ शुरू हुई इकाई में अब मुख्य एवं महिला इकाई को मिलाकर 435 सदस्य हो चुके हैं। उन्होंने इसे संगठन के प्रति उद्यमियों के विश्वास और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
समारोह में आगामी 8, 9 एवं 10 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाले ‘स्वयंसिद्धा वर्ष 2027’ कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्वेता नाहर एवं कपिल खंडेलवाल ने किया। अंत में दीपकजी झंवर ने अतिथियों, सहयोगकर्ताओं एवं संगठन के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।