वरिष्ठ नागरिक संस्थान के सम्मान समारोह में 10 वरिष्ठजन सम्मानित, स्थायी भवन के लिए भूखंड उपलब्ध कराने का पालिका अध्यक्ष रमेश सेन ने दिया भरोसा
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्मार्ट हलचल।उम्र भले ही जीवन की रफ्तार को धीमा कर दे, लेकिन अनुभव की पूंजी कभी पुरानी नहीं होती। वरिष्ठजनों के जीवन संघर्ष, अनुभव और सामाजिक सरोकार किसी भी शहर की अमूल्य विरासत होते हैं। इसी भावना को आत्मसात करते हुए वरिष्ठ नागरिक संस्थान शाहपुरा की ओर से गुरुवार को पुरानी नगर पालिका परिसर में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ नागरिकों को शॉल ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेन ने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि शाहपुरा के विकास में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का आशीर्वाद युवाओं के प्रयासों को सार्थक दिशा देने में मददगार साबित होगा। सेन ने वरिष्ठ नागरिक संस्थान को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि संस्थान के लिए स्थायी भवन के लिए भूखंड उपलब्ध कराने में नगर पालिका की ओर से सहयोग किया जाएगा।
‘आपका अनुभव हमारी ताकत’–
पालिका अध्यक्ष सेन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा समाज और शहर के निर्माण में लगाया है। उनके पास अनुभव की वह पूंजी है, जिसे पुस्तकों से हासिल नहीं किया जा सकता। शहर के विकास से जुड़े विषयों पर वरिष्ठजनों के सुझाव और मार्गदर्शन युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों के अनुभवों से सीख लेते हुए शाहपुरा के विकास में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। वरिष्ठजनों का सम्मान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि परिवार और समाज में उनके प्रति सम्मान एवं अपनत्व का भाव निरंतर बना रहना चाहिए।
सम्मान से खिल उठे चेहरे–
समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले वरिष्ठजनों का शॉल ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में रतनलाल मूंदड़ा, मदनलाल अग्रवाल, श्रीकिशन धाकड़, भंवरलाल शर्मा, दुर्गेश कुमार जोशी (फड़चित्रकार), श्री वल्लभ अजमेरा, देवकिशन गुर्जर, पुष्पा देवी सोमानी एवं भेरूलाल टेलर शामिल रहे।
सम्मान के दौरान समारोह स्थल पर आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला। उम्र के इस पड़ाव पर समाज की ओर से मिले सम्मान ने वरिष्ठजनों के चेहरों पर खुशी ला दी। उपस्थित लोगों ने भी वरिष्ठजनों के जीवन अनुभवों और सामाजिक योगदान को नमन किया।
वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर–
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठजन किसी भी परिवार और समाज की जीवंत पाठशाला होते हैं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं और उनके अनुभव वर्तमान पीढ़ी को जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने का रास्ता दिखाते हैं। आधुनिक जीवनशैली में जहां परिवारों की संरचना और सामाजिक व्यवहार तेजी से बदल रहा है, वहीं वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी सक्रिय भागीदारी को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
पौधारोपण से जोड़ी पूर्वजों की स्मृति-
वरिष्ठ नागरिक संस्थान ने समारोह के दौरान एक अभिनव पहल भी की। पितृपक्ष में पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संस्थान की ओर से लादू धाकड़ एवं श्रीचंद शर्मा को वट वृक्ष लगाने के लिए पौधे भेंट किए गए।
‘सत्यार्थ प्रकाश’ ने दिया वैचारिक संदेश–
समारोह में आर्य समाज के पूर्व प्रधान कन्हैयालाल आर्य एवं सत्यनारायण तोलंबिया ने नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेन को महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा रचित ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पुस्तक भेंट की। पुस्तक भेंट करते हुए आर्य समाज के पदाधिकारियों ने वैचारिक जागृति, सामाजिक सुधार और सकारात्मक चिंतन को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्थान ने जताई निरंतर सेवा की प्रतिबद्धता-
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ नागरिक संस्थान के अध्यक्ष सत्यनारायण सेन के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। सचिव प्रह्लाद सनाढ्य ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान वरिष्ठ नागरिकों के हितों, सम्मान और सामाजिक सहभागिता को लेकर निरंतर काम कर रहा है।
संस्थान के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने वरिष्ठजनों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और उनके हितों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह में राधेश्याम अग्रवाल, रामस्वरूप काबरा, मदन गोपाल दीक्षित, लादू धाकड़, कैलाश रेगर, कन्हैयालाल आर्य, संतोक सिंह चैधरी सहित संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।