हादसे के बाद क्षत विक्षत शव ब्लैक पॉलिथीन में लपेटकर पहुंचे गांव,परिजनों की फूट पड़ी चिक्कार।
ट्रेलर ने एक के सिर को रौंद दिया कुछ भी नही बचा,दूसरे के पैर को पूरी तरह कुचला,चहरे और सिर में गंभीर चोट,तीसरे का वेंटीलेटर उपचार जारी है।
(किशन वैष्णव)
शाहपुरा @स्मार्ट हलचल/गुलाबपुरा राष्ट्रीय राजमार्ग 148 डी पर रेलवे पुलिया के निकट गुरुवार शाम हुए हादसे के बाद हर किसी को वो दृश्य झकझोर कर रख देने वाला था।ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार दो अधेड़ के चीथड़े उड़ गए।हादसे के बाद अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों की जुबानी और वायरल वीडियो को देख रूह कांप गई।एक व्यक्ति के सिर से होकर ट्रेलर गुजरा तो दूसरे के पैर और कमर से होकर वही तीसरे व्यक्ति के हाथ व आधे सिर और मुंह पर गंभीर चोटे आई।गौरतलब है की खामोर निवासी दो सगे भाई सोहन पुत्र किसना तेली व बरदा पुत्र किसना तेली सहित उनके ही समाज का गोपाल पुत्र सुवा तेली एक ही बाइक पर सवार होकर सामाजिक कार्यक्रम में सूतीखेड़ा शामिल होने गए थे शाम को कार्यक्रम से निपटने के बाद तीनों साथ ही खामोर लौट रहे थे। तभी गुलाबपुरा रेलवे पुलिया के निकट ट्रेलर से हादसे का शिकार हो गए,सोहन पुत्र किसना तेली(60),बरदा पुत्र किसना तेली (55) की मौत हो गई।वही गंभीर घायल गोपाल पुत्र सुवा तेली का भीलवाड़ा के निजी अस्पताल में वेंटीलेटर पर उपचार जारी है।दोनो भाईयो के मृत शरीर को पोस्टमार्टम कर शुक्रवार सुबह परिजन अपने गांव लेकर आए।एंबुलेंस से उतारने से पहले ही रिश्तेदार,बेटियों और बेटो की चिक्कार फूट पड़ी।ब्लैक पॉलिथीन में लपेटे शव को देख हर किसी की आंखों में आसूं आने लगे,पॉलिथीन में लपेटे शवों को जल के छीटें लगाकर उसी अवस्था में परिजनों को अंतिम दर्शन करवा कर मोक्षधाम के लिए रवाना किया।मृतक सोहन पुत्र सुवा तेली की पत्नी की हाल ही में एक माह पहले ही मृत्यु हुई थी वही दो माह पहले परिवार में शादी समारोह था!बच्चो की मां के बाद पिता की आकस्मिक मृत्यु होना बहुत बड़ी अपूरणीय क्षति है।वही बरदा पुत्र किसना तेली के छोटी लड़किया और बच्चे है।वही गोपाल पुत्र सुवा तेली के पुत्र का कुछ दिनों बाद शादी का आयोजन भी था। ऐसे में परिवार के साथ आकस्मिक हादसा होना गहरा असर डाल गया।दोनो भाईयो की मृत्यु और इस हादसे से गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।अंतिम संस्कार की शव यात्रा में सैकडो लोग एकत्रित हुए,दोनो भाईयो का एक ही चिता में दाह संस्कार किया।ग्रामीणों का कहना है की सड़क हादसे के समय देखा तो रूह कांप गई।लहू बह रहा,गर्दन धड़ पर बिल्कुल नही थी और भारी भीड़ एकत्रित थी।दृश्य देख कर झकझोर दिया।अंतिम संस्कार तक बाजार बंद रहा।