(मूलचन्द पेसवानी)
नंदराय|स्मार्ट हलचल|शाहपुरा जिले के नंदराय कस्बे में मंगलवार को गुरु-शिष्य परंपरा का एक ऐसा भावुक और संघर्षपूर्ण दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासन और शिक्षा विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया। यहां राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के भूगोल व्याख्याता (Lecturer) शंकरलाल जाट के तबादले के विरोध में छात्र-छात्राओं ने कड़ाके की सर्दी और 8 डिग्री तापमान की परवाह किए बिना पूरी रात स्कूल के बाहर खुले आसमान के नीचे बिताई।
रात भर चला धरना, ग्रामीणों ने दिए कंबल:
जानकारी के अनुसार, 11 जनवरी को लेक्चरर शंकरलाल जाट का तबादला आदेश जारी हुआ था। सोमवार शाम को जैसे ही यह खबर छात्रों को मिली, उनमें आक्रोश फैल गया। शाम 4 बजे से छात्र धरने पर बैठ गए। जब रात तक कोई अधिकारी सुध लेने नहीं आया, तो बच्चों ने स्कूल गेट के बाहर टेंट लगाकर वहीं रात गुजारने का फैसला किया। बच्चों के इस संकल्प को देखकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने उनके लिए भोजन, कंबल और बिस्तर की व्यवस्था की।
क्यों है इतना स्नेह?
छात्र अनिल अहीर ने बताया कि शंकरलाल जाट पिछले 7 वर्षों से यहां सेवाएं दे रहे हैं। वे केवल शिक्षक नहीं, बल्कि अभिभावक हैं।
हवाई यात्रा का तोहफा: उन्होंने पिछले सत्र में बोर्ड परीक्षा में प्रथम आने वाले छात्रों को अपने निजी खर्च पर हवाई यात्रा करवाई थी।
स्कूल का कायाकल्प: स्कूल भवन की जर्जर हालत को सुधारने के लिए उन्होंने भामाशाहों को प्रेरित कर मरम्मत कार्य करवाया।
यही कारण है कि 600 से अधिक विद्यार्थी अपने प्रिय गुरु को जाने नहीं देना चाहते।
आमरण अनशन की चेतावनी:
मंगलवार को भी स्कूल पर ताला लगा रहा और बच्चे नारेबाजी करते रहे। छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि वे सोमवार शाम से बैठे हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। यदि शंकरलाल जाट का ट्रांसफर तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो वे ‘आमरण अनशन’ शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


