जमीन विवाद में हत्या की आशंका!
मांडलगढ़ में मौत के बाद भड़के ग्रामीण, 50 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन; नामजद आरोपियों की 4 घंटे में गिरफ्तारी का अल्टीमेटम
भीलवाड़ा (महेन्द्र नागौरी)
स्मार्ट हलचल|मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के सावंत जी का खेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह एक युवक की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। 38 वर्षीय जगदीश बंजारा का शव घर के पीछे खेत में नीम के पेड़ से मफलर के सहारे लटका मिला। घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश भड़क उठा। परिजनों और ग्रामीणों ने जमीन विवाद को लेकर हत्या की आशंका जताई और पुलिस-प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब परिजनों ने नामजद आरोपियों को चार घंटे के भीतर गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग रख दी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों के आक्रोश के बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने का प्रयास किया।
रात को बेटियों के साथ सोया, सुबह पेड़ से लटका मिला शव
जानकारी के अनुसार, मृतक जगदीश बंजारा पुत्र ईश्वर बंजारा सावंत जी का खेड़ा गांव का निवासी था। मृतक के भाई लादू लाल बंजारा के मुताबिक, जगदीश गुरुवार रात करीब 10 बजे अपनी बेटियों के साथ सो गया था। रात में वह कब घर से निकलकर खेत की ओर गया, इसकी किसी को जानकारी नहीं हुई।
शुक्रवार सुबह घर से करीब 100 मीटर दूर खेत में नीम के पेड़ से उसका शव लटका मिला। घटना सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए। मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने लगे और जमीन विवाद के चलते अनहोनी की आशंका जताई गई।
जमीन विवाद में हत्या की आशंका, नामजद लोगों पर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने जमीन विवाद को लेकर पहले से धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए युवक की मौत को संदिग्ध बताया। उन्होंने मामले में नामजद लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मांडलगढ़ थानाधिकारी राजकुमार नायक के अनुसार, मृतक के भाई की रिपोर्ट पर नामजद व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की आशंका से जुड़ा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद का पहलू सामने आया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने रखीं छह मांगें
युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने छह प्रमुख मांगें रखीं—
50 लाख रुपये मुआवजा: मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।
परिवार के सदस्य को नौकरी: परिवार के एक सदस्य को संविदा पर रोजगार दिया जाए।
चार घंटे में गिरफ्तारी: नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
बच्चों की मुफ्त शिक्षा: मृतक के बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था की जाए।
आवास योजना का लाभ: परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिया जाए।
उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।
गांव में तनावपूर्ण माहौल, पुलिस जुटी समझाइश में
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। ग्रामीणों के विरोध और परिजनों की मांगों के बीच पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। अधिकारियों ने लोगों से समझाइश कर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अब जांच के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जगदीश की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या यह जमीन विवाद से जुड़ी किसी साजिश का नतीजा है या घटना के पीछे कोई दूसरा कारण है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।