अभाविप के संघर्ष का मिला परिणाम, एनएसयूआई पूर्व जिलाध्यक्ष महाविद्यालय से निलंबित
चित्तौड़गढ़, 16 जून। महाविद्यालय में गत दिनों हुए विवाद के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा किए गए लगातार विरोध-प्रदर्शन के परिणामस्वरूप महाविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं छात्र नेता संजय राव को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद महाविद्यालय के विद्यार्थियों में संतोष एवं खुशी का माहौल देखा गया।
अभाविप की जिला संयोजक अदिति कंवर भाटी ने बताया कि शुक्रवार को महाविद्यालय परिसर में एक सामान्य छात्र के साथ कथित मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें एनएसयूआई नेता संजय राव का नाम सामने आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छात्र हितों और परिसर में अनुशासन बनाए रखने की मांग को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए महाविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया था। इसके बाद महाविद्यालय की अनुशासन समिति ने पूरे मामले पर विचार करते हुए संबंधित छात्र नेता के खिलाफ कार्रवाई की।
मंगलवार को महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय राव को निलंबित कर दिया गया। इस निर्णय के बाद सामान्य विद्यार्थियों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अभाविप पदाधिकारियों ने महाविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्रवाई छात्रहित एवं परिसर में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परिषद ने कहा कि महाविद्यालय में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, दबाव की राजनीति या छात्र उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
परिषद ने विद्यार्थियों से अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण और सकारात्मक छात्र राजनीति को बढ़ावा देने का आह्वान भी किया।
